लिफ्ट में फंसी गर्दन, अटकी सांसें: 35 मिनट तक कंधा बनकर पुलिसकर्मी ने बचाई युवक की जान
जयपुर के माणक चौक क्षेत्र में एक खतरनाक हादसे के दौरान लिफ्ट में फंसे मैकेनिक की जान एक पुलिसकर्मी की सूझबूझ और हिम्मत से बच गई। करीब 35 मिनट तक कंधा देकर सहारा देने के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
लिफ्ट और एंगल के बीच फंसी गर्दन
जयपुर के माणक चौक इलाके में हल्दियों का रास्ता स्थित एक इमारत में लिफ्ट की मरम्मत के दौरान बड़ा हादसा हो गया। काम कर रहे मैकेनिक साहिल की गर्दन अचानक लिफ्ट और लोहे के एंगल के बीच फंस गई। स्थिति बेहद गंभीर थी, क्योंकि थोड़ी सी भी चूक उसकी जान ले सकती थी। युवक की सांसें अटक गईं और मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने तत्काल स्थिति को संभाला और रेस्क्यू की जिम्मेदारी उठाई।
35 मिनट तक कंधा बनकर खड़ा रहा पुलिसकर्मी
कांस्टेबल प्रधान चौधरी ने असाधारण साहस दिखाते हुए घायल मैकेनिक के नीचे अपना कंधा लगा दिया, ताकि उसकी गर्दन पर दबाव कम हो सके। करीब 35 मिनट तक बिना हिले-डुले वह लगातार युवक को सहारा देते रहे। इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों से मदद लेकर रेस्क्यू की प्रक्रिया जारी रखी। उनकी इस तत्परता और हिम्मत ने युवक की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
सुरक्षित रेस्क्यू, अस्पताल में इलाज
पुलिसकर्मी ने तुरंत एक अनुभवी लिफ्ट मैकेनिक को बुलाया, जिसने तकनीकी खामी को ठीक कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। लंबे समय तक फंसे रहने के कारण युवक बेहोश हो गया था। उसे तुरंत सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां दो दिन तक इलाज चला और बाद में उसे छुट्टी दे दी गई। समय पर मिली मदद से एक बड़ा हादसा टल गया।
लिफ्ट में फंसने पर क्या करें और क्या नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार, लिफ्ट में फंसने की स्थिति में घबराना नहीं चाहिए। इमरजेंसी अलार्म या इंटरकॉम का उपयोग कर तुरंत मदद मांगें और 112 या 101 पर कॉल करें। लिफ्ट के अंदर शांत रहना और दरवाजे से दूरी बनाए रखना जरूरी है। वहीं, दरवाजा जबरदस्ती खोलने या कूदने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे स्थिति और खतरनाक हो सकती है।