एमपी में लॉरेंस गैंग पर शिकंजा: 2 गुर्गे गिरफ्तार, हथियार और वाहन जब्त
मध्य प्रदेश के Ujjain में पुलिस ने गैंगस्टर Lawrence Bishnoi गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। इन पर व्यापारी के घर हुए गोलीकांड के आरोपी को पनाह देने और शूटर से मिलवाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वाहन और अन्य सबूत भी बरामद किए हैं।
गोलीकांड से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा मामला Khargone जिले के भीलगांव में रहने वाले व्यापारी दिलीप राठौर के घर हुए फायरिंग कांड से जुड़ा है। घटना के बाद लॉरेंस गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली थी और व्यापारी से भारी फिरौती की मांग भी की गई थी। इस वारदात के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी थी और लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
शूटर को मिलवाने और पनाह देने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी संदीप ने शूटर लोकेन्द्र को मुख्य आरोपी राजपाल से मिलवाया था और हथियार खरीदने में भी मदद की थी। वहीं दूसरे आरोपी विष्णु मालवीय ने फरार राजपाल को अपने घर में छिपाकर रखा था। इस तरह दोनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने और आरोपी को बचाने में अहम भूमिका निभाई।
कार और बुलेट सहित सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक हुंडई एक्सेंट कार और बुलेट मोटरसाइकिल जब्त की है, जिनका इस्तेमाल घटना में किया गया था। इसके अलावा मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनसे अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर नेटवर्क को और खंगालने की कोशिश कर रही है।
अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अब तक कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें शूटर, रेकी करने वाले और सहयोगी शामिल हैं। मुख्य आरोपी राजपाल के सरेंडर के बाद पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलीं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान और भी खुलासे हो सकते हैं और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी संभव है।
गैंग नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश में पुलिस
पुलिस अब इस पूरे गैंग के नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है और इसमें कौन-कौन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि संगठित अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।