राजस्थान में ACB की बड़ी कार्रवाई: दौसा रोडवेज डिपो मैनेजर 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
राजस्थान के दौसा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रोडवेज के डिपो मैनेजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी मेडिकल अवकाश स्वीकृत करने के बदले 20 हजार रुपए की मांग कर रहा था। शिकायत के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत एक रोडवेज परिचालक की शिकायत से हुई, जिसने एसीबी की हेल्पलाइन पर संपर्क कर रिश्वत मांगने की जानकारी दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह बीमारी के चलते अवकाश पर था और स्वस्थ होने के बाद उसने अपने दस्तावेज विभाग में जमा करवा दिए थे। इसके बावजूद उसका अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने जानबूझकर फाइल को लंबित रखा और काम के बदले पैसों की मांग की, जिससे परेशान होकर परिवादी ने एसीबी से संपर्क किया।
मेडिकल लीव पास करने के बदले मांगी रिश्वत
परिवादी के अनुसार, उसने दिसंबर 2025 में बीमारी के कारण अवकाश लिया था और जनवरी 2026 में ड्यूटी जॉइन कर ली थी। आवश्यक मेडिकल प्रमाण पत्र कार्यालय में जमा कराने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ाई गई। जब उसने डिपो मैनेजर से संपर्क किया, तो आरोपी ने साफ तौर पर 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। रिश्वत नहीं देने पर उसे लगातार परेशान किया जा रहा था, जिससे तंग आकर उसने एसीबी को शिकायत दर्ज करवाई।
एसीबी का ट्रैप और रंगे हाथ गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया। दो अलग-अलग तारीखों पर रिश्वत मांग की सत्यता जांची गई और फिर ट्रैप प्लान तैयार किया गया। तय योजना के अनुसार, जैसे ही परिवादी ने आरोपी को 20 हजार रुपए दिए, पहले से मौके पर मौजूद एसीबी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। इस दौरान पूरी प्रक्रिया को विधिवत रिकॉर्ड भी किया गया, ताकि कानूनी कार्रवाई मजबूत हो सके।
आरोपी के ठिकानों पर तलाशी, जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपी अधिकारी से पूछताछ शुरू कर दी है और उसके निवास सहित अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस मामले में अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी की अपील और विभाग में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद रोडवेज विभाग में हड़कंप मच गया है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी वैध कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप के माध्यम से दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।