Donald Trump की ईरान को सख्त चेतावनी—‘डील नहीं तो 4 घंटे में तबाही’
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मंगलवार रात तक कोई समझौता नहीं होता, तो अमेरिका बेहद कम समय में बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इस बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया कि अमेरिका के पास ऐसी रणनीति तैयार है, जिससे ईरान के महत्वपूर्ण ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इस बीच ईरान की ओर से भी सख्त रुख सामने आया है।
समझौते की समयसीमा:
‘रात 8 बजे तक फैसला करें’
राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मंगलवार रात 8 बजे (पूर्वी समयानुसार) तक समझौते पर सहमति बनानी होगी। उन्होंने विशेष रूप से Strait of Hormuz को वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए खोलने की शर्त रखी। ट्रंप का कहना है कि यदि ईरान इस समयसीमा तक सकारात्मक कदम नहीं उठाता, तो अमेरिका अपनी सैन्य योजना को लागू करने में देर नहीं करेगा। इस चेतावनी को वैश्विक ऊर्जा बाजार और कूटनीतिक हलकों में गंभीरता से लिया जा रहा है।
‘4 घंटे में तबाही’—अमेरिका की सैन्य योजना का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास ऐसी सैन्य क्षमता और योजना है, जिससे वह केवल चार घंटे के भीतर ईरान के अहम ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाकर ईरान की बुनियादी संरचना को निष्क्रिय किया जा सकता है। हालांकि इस तरह के हमलों को लेकर संभावित युद्ध अपराधों के सवाल उठे, लेकिन ट्रंप ने इन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया। उनके अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत होगी और इसे वैध माना जाएगा।
ईरान का रुख: युद्धविराम नहीं, स्थायी समाधान चाहिए
ईरान ने अमेरिका के 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि स्थायी शांति चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे दबाव में आकर कोई समझौता नहीं करेंगे। इस बीच, अमेरिका की ओर से लगातार बढ़ती चेतावनियों ने दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका को और गहरा कर दिया है। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावनाएं अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है।
रक्षा मंत्री की चेतावनी: ‘अगले हमले और भी बड़े होंगे’
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी ईरान को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमले पहले से अधिक व्यापक और तीव्र हो सकते हैं। उन्होंने इशारों में कहा कि अमेरिका अपने विरोधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटता। साथ ही उन्होंने ईरान को चेताया कि हालात को समझते हुए सोच-समझकर फैसला लिया जाए। इस बयान ने संकेत दिया कि अमेरिका अपने रुख में किसी तरह की नरमी दिखाने के मूड में नहीं है।
वैश्विक असर: बढ़ती चिंता और अनिश्चितता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। खासकर Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल व्यापार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। यदि हालात नहीं संभले, तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय या वैश्विक संकट का रूप ले सकता है।