SI भर्ती परीक्षा रद्द: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा बोले—अब सुप्रीम कोर्ट न जाए सरकार, अभ्यर्थियों को मिले जल्द न्याय
राजस्थान की 2021 की SI भर्ती परीक्षा रद्द होने के फैसले का प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने इस निर्णय को न्यायसंगत बताते हुए कहा कि लंबे समय से विवादों में घिरी इस परीक्षा को रद्द करना जरूरी था। मीणा ने राज्य सरकार से अपील की कि अब इस मामले को Supreme Court of India में चुनौती न दी जाए, ताकि अभ्यर्थियों को शीघ्र राहत मिल सके और नई, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके।
फैसले का स्वागत, पहले से कर रहे थे रद्द करने की मांग
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे शुरू से ही SI भर्ती परीक्षा को रद्द करने के पक्ष में थे। उनका मानना था कि परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों और शिकायतों के चलते इसकी निष्पक्षता प्रभावित हुई है। ऐसे में अदालत का यह निर्णय न केवल उचित है बल्कि उन अभ्यर्थियों के हित में भी है, जो लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे थे। उन्होंने कहा कि यह फैसला भर्ती प्रणाली में विश्वास बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार से अपील: सुप्रीम कोर्ट में न करें चुनौती
मीणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार को अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में नहीं ले जाना चाहिए। उनका तर्क है कि यदि सरकार अपील करती है तो इससे मामला और लंबा खिंच सकता है, जिससे अभ्यर्थियों का भविष्य और अनिश्चित हो जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को अब सकारात्मक रुख अपनाते हुए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, ताकि युवाओं को समय पर अवसर मिल सके और प्रशासनिक व्यवस्था में रिक्त पद जल्द भरे जा सकें।
नई भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
मंत्री ने संकेत दिया कि पिछली भर्ती प्रक्रिया में कई स्तरों पर संदेह और विवाद सामने आए थे, जिससे इसकी विश्वसनीयता प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि अब सरकार के पास मौका है कि वह एक नई, पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया तैयार करे। इससे न केवल योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा बल्कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से भी बचा जा सकेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाएगी।