धुरंधर 2’ का दमदार आगाज, लेकिन कहानी में खिंचाव का अहसास
रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बड़े बज के साथ सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है। पहले पार्ट की जबरदस्त सफलता के बाद इस सीक्वल से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। फिल्म की शुरुआत इमोशनल बैकग्राउंड से होती है, जहां जसकीरत सिंह रांगी का किरदार बदले की आग में झुलसता नजर आता है। कहानी आगे बढ़ते-बढ़ते एक मिशन आधारित थ्रिलर बन जाती है, लेकिन कई जगह पर इसे जरूरत से ज्यादा खींचा गया महसूस होता है।
बदले की कहानी से इंटरनेशनल मिशन तक का सफर
फिल्म जसकीरत के निजी दर्द और अन्याय से शुरू होकर उसे एक बड़े मिशन तक ले जाती है। जेल से निकलकर उसका सफर पाकिस्तान तक पहुंचता है, जहां वह नई पहचान ‘हमजा अली मजारी’ के रूप में नजर आता है। कहानी में अंडरवर्ल्ड, आतंक और बदले की भावना को जोड़ने की कोशिश की गई है। हालांकि, कई मोड़ों पर घटनाएं अचानक और सतही लगती हैं, जिससे कहानी की पकड़ थोड़ी कमजोर पड़ती है।
डायरेक्शन में बड़े दावे, लेकिन असर अधूरा
निर्देशक आदित्य धर ने फिल्म को वास्तविक घटनाओं से जोड़ने की कोशिश की है, जिसमें नोटबंदी और अंडरवर्ल्ड जैसे विषय शामिल हैं। फिल्म कई जगह डॉक्यूमेंट्री जैसी फील देती है, जहां तथ्यों को विस्तार से पेश किया गया है। हालांकि, यह एक्सपेरिमेंट हर जगह सफल नहीं हो पाता। कई खुलासे प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहते हैं और दर्शकों को पूरी तरह बांध नहीं पाते।
फर्स्ट हाफ धीमा, सेकंड हाफ में एक्शन की भरमार
फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा धीमा और लंबा महसूस होता है, जिसमें गानों और बैकस्टोरी पर ज्यादा फोकस है। इंटरवल तक कहानी रोचक जरूर हो जाती है, लेकिन उसके बाद एक्शन सीन्स को जरूरत से ज्यादा खींचा गया है। मेलोड्रामा भी इस बार ज्यादा नजर आता है, जिससे पहले पार्ट की तेज रफ्तार और स्टाइल की कमी साफ महसूस होती है।
रणवीर सिंह की दमदार परफॉर्मेंस बनी फिल्म की जान
अगर फिल्म की सबसे बड़ी ताकत की बात करें, तो वह रणवीर सिंह की एक्टिंग है। उन्होंने जसकीरत और हमजा—दोनों किरदारों को अलग-अलग अंदाज में निभाया है, जो काबिल-ए-तारीफ है। शुरुआती हिस्से में उनकी एनर्जी और स्क्रीन प्रेजेंस जबरदस्त है। हालांकि, फिल्म में उनके किरदार को और गहराई से दिखाया जा सकता था। सपोर्टिंग कास्ट में राकेश बेदी और संजय दत्त ने भी अच्छा काम किया है।
उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा सीक्वल, फिर भी एक बार देख सकते हैं
कुल मिलाकर ‘धुरंधर 2’ एक ऐसी फिल्म है, जिसे सिर्फ रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस के लिए देखा जा सकता है। अगर आपने पहला पार्ट पसंद किया है, तो यह सीक्वल आपकी उत्सुकता जरूर बनाए रखेगा। हालांकि, कहानी, संगीत और पेसिंग के मामले में यह फिल्म पहले पार्ट जैसा असर छोड़ने में असफल रहती है। यह एक औसत अनुभव देती है, जिसे देखना या छोड़ना पूरी तरह दर्शकों की पसंद पर निर्भर करता है।