इजरायल में फिर दिखी PM मोदी की ‘कार डिप्लोमेसी’, नेतन्याहू संग तस्वीर ने दिया मजबूत रिश्तों का संदेश
यरुशलम: प्रधानमंत्री Narendra Modi के इजरायल दौरे ने एक बार फिर वैश्विक कूटनीति में चर्चा बटोर ली। इजरायल की संसद में ऐतिहासिक संबोधन के बाद उन्हें देश के सर्वोच्च संसदीय सम्मान से नवाजा गया और इसके तुरंत बाद इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ एक ही कार में यात्रा करते हुए उनकी तस्वीर सामने आई, जिसे “कार डिप्लोमेसी” का मजबूत प्रतीक माना जा रहा है।
🔹 संसद में ऐतिहासिक संबोधन और सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी ने Knesset यानी इजरायल की संसद को संबोधित किया। संबोधन के तुरंत बाद संसद अध्यक्ष Amir Ohana ने उन्हें इजरायल का प्रतिष्ठित ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया।
यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि भारत-इजरायल लोकतांत्रिक साझेदारी की वैश्विक मान्यता माना जा रहा है।
🔹 ‘कार डिप्लोमेसी’ ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान
संसदीय कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू एक ही कार में सवार होकर टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी देखने म्यूजियम पहुंचे। दोनों नेताओं की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई।
मोदी ने पोस्ट में लिखा कि संसद में भाषण के बाद वे तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी देखने जा रहे हैं।
एक ही कार में यात्रा करना पारंपरिक प्रोटोकॉल से अलग व्यक्तिगत विश्वास और राजनीतिक निकटता का संकेत माना जाता है—जिसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में “पर्सनल केमिस्ट्री डिप्लोमेसी” कहा जाता है।
🔹 भारत-इजरायल रिश्तों की नई प्रतीकात्मक तस्वीर
दोनों नेताओं की साझा यात्रा यह संदेश देती है कि भारत और इजरायल के संबंध अब औपचारिकता से आगे बढ़कर रणनीतिक विश्वास के स्तर पर पहुंच चुके हैं।
रक्षा, तकनीक और नवाचार सहयोग के बीच यह दृश्य कूटनीतिक रिश्तों की गर्मजोशी का सार्वजनिक प्रदर्शन भी है।
🔹 पहली बार भारतीय प्रधानमंत्री का संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी का नेसेट में भाषण ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा संसद को संबोधित करने का यह पहला अवसर था। उन्होंने सम्मान स्वीकार करते हुए इसे दोनों लोकतांत्रिक देशों की अटूट मित्रता का प्रतीक बताया।
भारत की पश्चिम एशिया नीति अब संतुलित लेकिन आत्मविश्वासी कूटनीति की दिशा में बढ़ती दिख रही है।
🔹 इजरायल और फिलिस्तीन—दोनों से सम्मान पाने वाले चुनिंदा नेता
प्रधानमंत्री मोदी उन गिने-चुने वैश्विक नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्हें इजरायल और Palestine दोनों से सर्वोच्च स्तर का सम्मान मिला है।
उन्हें वर्ष 2018 में फिलिस्तीन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन भी दिया गया था।
यह उपलब्धि भारत की ‘संतुलित पश्चिम एशिया कूटनीति’ को मजबूत करती है, जहां भारत दोनों पक्षों के साथ रिश्ते बनाए रखता है।
🔹 वैश्विक मंच पर मोदी की बढ़ती कूटनीतिक छवि
लगातार मिल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की वैश्विक भूमिका और नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करते हैं।
व्यक्तिगत नेतृत्व शैली, प्रतीकात्मक कूटनीति और रणनीतिक साझेदारी—तीनों मिलकर भारत की विदेश नीति को नए आयाम दे रहे हैं।