‘हिस्ट्रीशीटर बनाने का आरोप राजनीति से प्रेरित’: शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी का पलटवार
गंगा अपमान और फंडिंग को लेकर तीखा बयान
प्रयागराज में शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आरोप लगाते हुए कहा कि सनातन धर्म के नाम पर फंडिंग लेने वाले लोगों पर मां गंगा का आशीर्वाद नहीं रहता। उन्होंने दावा किया कि गंगा को लेकर दिए गए बयानों के कारण कुछ संत गंगा स्नान भी नहीं कर पाए। आशुतोष ब्रह्मचारी ने मांग की कि संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
विभिन्न धार्मिक स्थलों पर अनियमितताओं का दावा
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर, वाराणसी और ज्योतिषमठ से जुड़े कुछ मामलों में अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की जांच एजेंसियों द्वारा तथ्यात्मक पड़ताल होनी चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
शंकराचार्य पद को लेकर उठाए सवाल
आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य पद को लेकर परंपरागत प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस पद को लेकर न्यायिक स्तर पर विवाद चल रहा है और स्थिति अदालत के निर्देशों के अनुसार तय होनी चाहिए।
माघ मेले के दौरान बच्चों के शोषण का आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने माघ मेले के दौरान लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि कथित पीड़ित बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट और अदालत में दिए गए बयानों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो।
सहयोगियों पर भी गंभीर आरोप
उन्होंने दावा किया कि स्वामी मुकुंदानंद, अरविंद और मठ से जुड़े कुछ पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, बच्चों को लाने और उनके शोषण से जुड़े आरोप सामने आए हैं, जिनकी सत्यता की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी चाहिए।
फोटो दिखाकर संबंधों का दावा, निष्पक्ष जांच की मांग
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कुछ तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि संबंधित लोग पहले उनके संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई आरोप हैं तो प्रमाणों के आधार पर जांच की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले उन्हें ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताए जाने के आरोप लगे थे, लेकिन अदालत से उन्हें राहत मिली थी।
आश्रमों में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े आश्रमों में वित्तीय गड़बड़ियों के प्रमाण मौजूद हैं। उनके अनुसार विवाह और अन्य गतिविधियों के नाम पर कथित तौर पर धन का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की भी स्वतंत्र एजेंसियों से जांच कराई जानी चाहिए।