खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र हादसा: डीएनए रिपोर्ट के बाद 7 मजदूरों के शव परिजनों को सौंपे गए…
अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में हुई थी 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत
भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में 7 मजदूरों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई थी। हादसा इतना भयावह था कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया था। घटना के बाद से ही प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
डीएनए रिपोर्ट के आधार पर हुई शवों की शिनाख्त
हादसे के पांचवें दिन सभी मृत मजदूरों की डीएनए रिपोर्ट प्राप्त हो गई। डीएनए मिलान के बाद प्रशासन ने मृतकों की पहचान सुनिश्चित की और उनके परिजनों से औपचारिक पुष्टि कराई। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को सम्मानपूर्वक परिजनों को सौंपा गया।
दिल्ली से मंगाई गई विशेष एंबुलेंस, शव भेजे गए बिहार
शवों को विशेष एंबुलेंस के जरिए दिल्ली से उनके पैतृक गांव, चंपारण (बिहार) के लिए रवाना किया गया। हादसे में जान गंवाने वाले सभी मजदूर बिहार के चंपारण क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। प्रशासन ने शवों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की।
परिजनों के लिए बस की व्यवस्था, सुरक्षित घर वापसी
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए बस की व्यवस्था भी की। ताकि पीड़ित परिवार सुरक्षित रूप से अपने गांव लौट सकें और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कर सकें। परिजनों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के लिए संतोष जताया।
टपूकड़ा के एसडीएम लाखन सिंह गुर्जर ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद सभी शवों की पहचान परिजनों से मिलान कर सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई गई और शवों को पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द किया गया।
सीएचसी टपूकड़ा के प्रभारी चिकित्सक डॉ. राहुल गोयल ने बताया कि अस्पताल में शव सुपुर्दगी की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरी की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा विशेष एंबुलेंस और बस की व्यवस्था कर मृतकों के परिजनों को बिहार तक पहुंचाया गया।