भिवाड़ी-तिजारा-खैरथल में मिलावट पर बड़ा शिकंजा: 22 फर्मों के खाद्य नमूने फेल, 46 लाख का जुर्माना…
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से पिछले चार महीनों में की गई कार्रवाई में 22 प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इन मामलों में माननीय एडीएम कोर्ट द्वारा अब तक संबंधित फर्मों पर करीब 46 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूनों की जांच में कई उत्पाद असुरक्षित और अवमानक श्रेणी में पाए गए। इसके बाद संबंधित फर्मों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार ने जानकारी दी कि जिन प्रतिष्ठानों के उत्पाद मानकों पर फेल पाए गए, उनमें लाल मिर्च पाउडर, गुलाब शरबत, सिंघाड़ा आटा, पनीर, दही, दूध, घी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां शामिल हैं। इनमें भिवाड़ी स्थित Golden Tulip Hotel Bhiwadi का पनीर व दही, “मास्टर जी” ब्रांड का गुलाब शरबत तथा “सप्तऋषि” ब्रांड का सिंघाड़ा आटा भी खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा।
इसके अलावा तिजारा, कोटकासिम और खैरथल क्षेत्र की कई किराना दुकानों, डेयरियों और मिष्ठान भंडारों से लिए गए नमूनों में भी गुणवत्ता में कमी और मिलावट पाई गई। सभी दोषी फर्मों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने होली और शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता पर ध्यान दें और किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें।