राजस्थान बजट 2026: जोधपुर को मिली 300 करोड़ से अधिक की सौगात, अंडरपास–आरओबी से बदलेगी शहर की तस्वीर
राजस्थान सरकार के तीसरे बजट में जोधपुर शहर को आधारभूत संरचना, पेयजल, आवास, पर्यावरण और पर्यटन विकास के लिए 300 करोड़ रुपए से अधिक के प्रावधान किए गए हैं। बजट में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, जल आपूर्ति सुदृढ़ करने और सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
55 करोड़ से बनेंगे दो अंडरपास और एक फुटओवर ब्रिज
शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए भाटी चौराहा और जलजोग सर्किल पर अंडरपास निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पाल रोड पर लूनी पंचायत समिति के सामने फुटओवर ब्रिज के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं से व्यस्त चौराहों पर जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।
सड़कों के विकास और सौंदर्याकरण पर फोकस
राव जोधा मार्ग (घोड़ा घाटी रोड) के विकास, सौंदर्याकरण और लाइटिंग कार्य के लिए 10 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। वहीं सरदारपुरा क्षेत्र में सड़क निर्माण और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने के लिए 4 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
पेयजल आपूर्ति सुधार के लिए 65 करोड़ की योजना
लूनी-जोधपुर क्षेत्र के गांवों में पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तखत सागर से कुड़ी होद तक की पाइपलाइन बदलने और मजबूत करने के लिए 65 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। इससे जल संकट झेल रहे क्षेत्रों को राहत मिलने की संभावना है।
चौपासनी स्कीम में 288 फ्लैट्स के लिए 210 करोड़
आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चौपासनी स्कीम (उद्यान अपार्टमेंट) में 288 फ्लैट्स के निर्माण के लिए 210 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह परियोजना मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
रेलवे ओवरब्रिज और सड़क परियोजनाओं को गति
लूनी-समदड़ी मार्ग पर एलसी-237 पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए 46.40 करोड़ रुपए और मेड़ता रोड-जोधपुर रेलखंड पर एलसी-113 पर आरओबी के लिए 42.96 लाख रुपए का बजट रखा गया है।
इसके अतिरिक्त डांगियावास-लूनी-समदड़ी (एसएच-68), दांतीवाड़ा-पीपाड़-मेड़ता सिटी (एसएच-21), भावी-पीपाड़-खींवसर-जोधपुर (एसएच-86सी) सहित विभिन्न मार्गों पर आरओबी और आरयूबी की डीपीआर तैयार करने का भी प्रावधान किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी और पर्यटन विकास को प्राथमिकता
कुल मिलाकर इस बजट में जोधपुर के शहरी विकास, पेयजल व्यवस्था, आवासीय परियोजनाओं और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का फोकस ट्रैफिक प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।