ओडेला खनन हादसा: पाँचवें दिन 150 फीट गहरी खाई से निकली पोकलेन मशीन, चालक अब भी लापता….
अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के ओडेला गांव स्थित खनन क्षेत्र में हुए भीषण हादसे के पाँचवें दिन मंगलवार को रेस्क्यू टीम को आंशिक सफलता मिली। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने लगातार कड़ी मशक्कत के बाद पानी से भरी करीब 150 फीट गहरी खाई से पोकलेन मशीन को बाहर निकाल लिया। हालांकि मशीन चालक का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है, जिससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
यह हादसा खनन कार्य के दौरान उस समय हुआ था, जब अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक गया और पोक लेन मशीन चालक सहित गहरी खाई में समा गई। घटना के बाद से ही प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
रेस्क्यू अभियान में पंजाब से विशेष रूप से बुलाए गए अनुभवी गोताखोर आशु मलिक और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। घंटों तक चले कठिन अभियान के दौरान मशीन को बाहर निकालते समय आशु मलिक के पैर में गंभीर चोट लग गई। उन्हें तुरंत रामगढ़ उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
मशीन को बाहर निकालने के बाद प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों ने केबिन और आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच की, लेकिन चालक का कोई पता नहीं चला। इससे आशंका जताई जा रही है कि चालक रामानंद तिवारी खाई के किसी अन्य हिस्से में फंसा हो सकता है।
डीएसपी पिंटू कुमार ने बताया कि चालक की तलाश के लिए स्कॉट डॉग की सहायता ली गई है। खोजी कुत्ते मशीन तक पहुंचे, लेकिन पानी के किनारे जाकर रुक गए, जिससे संकेत मिलता है कि चालक का सुराग पानी के भीतर आगे की ओर हो सकता है। खाई में भरे पानी को निकालने के लिए उच्च क्षमता की मोटर और पाइप मंगवाए गए हैं, ताकि तलाशी अभियान को और तेज किया जा सके।
प्रशासन ने साफ किया है कि चालक का पता चलने तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। पूरे अभियान की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। मौके पर एसडीएम बाबूलाल वर्मा, तहसीलदार अंकित गुप्ता, डीएसपी पिंटू कुमार सहित माइंस विभाग के अधिकारी मौजूद हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। पुलिस ने एहतियातन मौके पर भीड़ को दूर रखा है, ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए। प्रशासन ने खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और नियमों की जांच के संकेत भी दिए हैं।