लोक कलाओं को संवारने के लिए ‘नृत्य उत्सव’ का ऐलान, पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
राजस्थान बजट 2026 के अंतिम चरण में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन विकास को लेकर अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की लोक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने और छोटे शहरों को सांस्कृतिक पहचान देने के लिए हर संभाग मुख्यालय पर भव्य लोक नृत्य उत्सव आयोजित किए जाएंगे।
हर संभाग में होगा भव्य लोक नृत्य उत्सव
वित्त मंत्री ने बताया कि गैर, पद दंगल और अन्य पारंपरिक लोक कलाएं राजस्थान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें संरक्षित करने और युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार संभाग स्तर पर बड़े सांस्कृतिक आयोजनों की शुरुआत करेगी। इन आयोजनों में स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा और लोक कला की परंपरा को जीवित रखने में मदद मिलेगी।
पर्यटन को बढ़ावा, युवाओं के लिए रोजगार
पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपए की लागत से नए टूरिस्ट गाइड तैयार करने की योजना बनाई है। प्रशिक्षित गाइड्स से प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर जानकारी मिलेगी। इससे न केवल पर्यटन अनुभव सुधरेगा बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं का होगा कायाकल्प
धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के लिए देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं की मरम्मत और नवीनीकरण का कार्य भी बजट में शामिल किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को बेहतर आवास सुविधा मिले और धार्मिक स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं मजबूत हों।
संस्कृति और अर्थव्यवस्था का संतुलन
राजस्थान बजट 2026 में संस्कृति और पर्यटन को साथ लेकर चलने की रणनीति साफ दिखाई देती है। लोक नृत्य उत्सवों के माध्यम से जहां सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जाएगा, वहीं पर्यटन और गाइड प्रशिक्षण से आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।