‘खराब हेयरकट’ पर 2 करोड़ नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने घटाया मुआवजा—25 लाख तय…
सुप्रीम कोर्ट ने मॉडल आशना रॉय को गलत हेयरकट और बालों के नुकसान के लिए मिलने वाले 2 करोड़ रुपये के मुआवजे को घटाकर 25 लाख रुपये कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुआवजा मनमानी नहीं, बल्कि तथ्यों और ठोस नुकसान पर आधारित होना चाहिए।
मामला क्या है?
मामला 2018 का है, जब मॉडल आशना रॉय दिल्ली के प्रतिष्ठित होटल ITC Maurya के सैलून में बाल कटवाने गई थीं। उनके अनुसार, हेयरड्रेसर ने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया और बाल बहुत छोटे काट दिए। साथ ही, गलत कैमिकल ट्रीटमेंट से स्कैल्प को नुकसान हुआ। आशना ने दावा किया कि इस वजह से मानसिक पीड़ा हुई और कई बड़े मॉडलिंग असाइनमेंट खो दिए, जिससे करियर प्रभावित हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सेवा में कमी हुई और मानसिक पीड़ा का हर्जाना दिया जाना उचित है। लेकिन 2 करोड़ रुपये की मांग “अत्यधिक और बिना आधार” बताई। अदालत ने मुआवजा घटाकर 25 लाख रुपये तय किया और इसे 18% ब्याज के साथ चुकाने का आदेश दिया।
नुकसान के ठोस सबूत जरूरी
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ता मामलों में मुआवजा केवल सेवा में कमी और नुकसान के ठोस प्रमाण मिलने पर ही मिलेगा। मनमानी या अनुमानित नुकसान के आधार पर बड़ी रकम नहीं दी जा सकती।
नतीजा
यह फैसला उपभोक्ता अधिकार कानून के तहत मुआवजा मामलों के लिए महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे स्पष्ट हुआ कि मानसिक आघात और करियर नुकसान के लिए मुआवजा मिलेगा, लेकिन इसकी रकम निश्चित प्रमाण और तथ्य आधारित होनी चाहिए।