ईरान में राजनीतिक हताशा का दर्दनाक चेहरा: आत्महत्या से पहले युवक की ट्रंप से अपील, वीडियो वायरल
ईरान से सामने आई एक बेहद विचलित करने वाली घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। 28 वर्षीय ईरानी युवक पौरिया हमीदी ने कथित तौर पर आत्महत्या से पहले एक लंबा वीडियो जारी किया, जिसमें उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के मौजूदा धार्मिक शासन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की अपील की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कौन था पौरिया हमीदी
ईरानी मीडिया के अनुसार पौरिया हमीदी दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशहर का निवासी था। वह अंग्रेज़ी में रिकॉर्ड किए गए 10 मिनट से अधिक लंबे वीडियो में बेहद मानसिक तनाव और निराशा की स्थिति में नजर आता है।
यह मामला ईरान में युवाओं के बीच बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक हताशा को उजागर करता है।
वीडियो में क्या कहा गया
हमीदी ने वीडियो में दावा किया कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोग मारे गए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसे नजरअंदाज किया। उसने कहा कि ईरानी जनता बिना बाहरी समर्थन के सत्ताधारी तंत्र से मुकाबला नहीं कर सकती।
बयान यह दिखाता है कि देश के भीतर भरोसे और भविष्य की भावना किस स्तर तक टूट चुकी है।
ट्रंप और अमेरिका से सीधी अपील
हमीदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के साथ किसी भी तरह के समझौते से बचने की अपील की। उसका कहना था कि ऐसा कोई भी समझौता उन लोगों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने विरोध प्रदर्शनों में जान गंवाई।
यह अपील ईरान‑अमेरिका संबंधों को लेकर कट्टर विरोधी सोच का प्रतिनिधित्व करती है, लेकिन किसी आधिकारिक नीति का संकेत नहीं है।
निर्वासित विपक्ष और रेजा पहलवी का जिक्र
वीडियो में हमीदी ने ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन की बात कही और विदेशों में मौजूद ईरानी विपक्षी गुटों से एकजुट होने की अपील की।
यह ईरानी विपक्ष के भीतर बिखराव और नेतृत्व संकट की ओर इशारा करता है।
आत्महत्या के बाद उठे सवाल
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार वीडियो साझा करने के बाद हमीदी ने कथित तौर पर अपनी जान ले ली।
यह घटना केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं, बल्कि ईरान में राजनीतिक दमन, मानसिक स्वास्थ्य संकट और युवाओं की निराशा का गंभीर संकेत मानी जा रही है।
बड़ा सवाल
यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—
- क्या अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आम नागरिकों की पीड़ा सिर्फ एक आंकड़ा बनकर रह जाती है?
- और क्या लंबे समय तक दबाव, दमन और अनिश्चित भविष्य किसी समाज को इस हद तक तोड़ सकते हैं?
संवेदनशील सूचना
यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो कृपया किसी भरोसेमंद व्यक्ति, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या स्थानीय हेल्पलाइन से संपर्क करें। मदद मांगना कमजोरी नहीं है।