भारत-अमेरिका ट्रेड डील: अमेरिकी सामान पर टैरिफ में कटौती, डिजिटल टैक्स हटाने का निर्णय
व्हाइट हाउस ने भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर फैक्टशीट जारी की है। इसके तहत भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने और डिजिटल सेवा कर हटाने का वादा किया है, जबकि अमेरिका ने पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए सहमति जताई है।
🟢 अमेरिका-भारत व्यापार समझौते का बड़ा ढांचा
डील के तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा या हटाएगा। इसमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। इसके अलावा भारत ने अमेरिकी उत्पादों की खरीद 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
इम्पैक्ट: यह कदम अमेरिकी निर्यातकों के लिए भारतीय बाजार को और खुला बनाएगा।
🟢 टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं पर बदलाव
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ हटाने का निर्णय रूसी तेल पर प्रतिबंध स्वीकारने की शर्त पर हुआ। साथ ही, दोनों देश शेष शुल्क और गैर-टैरिफ बाधाओं पर बातचीत जारी रखेंगे।
इम्पैक्ट: यह व्यापार में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा और भारतीय उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचेगा।
🟢 डिजिटल सेवा कर और ई-कॉमर्स सुधार
भारत ने डिजिटल सर्विस टैक्स हटाने और डिजिटल व्यापार नियमों में भेदभावपूर्ण प्रथाओं को सुधारने का वादा किया। इसमें इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर कस्टम ड्यूटी लगाने पर रोक शामिल है।
इम्पैक्ट: इससे अमेरिकी तकनीकी कंपनियों को भारत में कारोबार करना आसान होगा और डिजिटल निवेश आकर्षित होंगे।
🟢 आपूर्ति श्रृंखला और प्रौद्योगिकी सहयोग
भारत और अमेरिका ने आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने और नवाचार बढ़ाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसमें निवेश समीक्षा, निर्यात नियंत्रण और प्रौद्योगिकी उत्पादों में द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार शामिल है।
इम्पैक्ट: यह समझौता दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा।
यह समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी और रणनीतिक है। अमेरिकी उत्पादकों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी और भारत को सस्ती और आधुनिक तकनीक उपलब्ध होगी। वहीं, राष्ट्रीय हित और आपूर्ति सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।