रूस का बड़ा बयान: अमेरिका भारत को महंगे तेल पर मजबूर कर रहा, विदेश मंत्री ने बताया आगे का प्लान
रूस ने अमेरिका पर रूसी ऊर्जा खरीद पर दबाव डालने का आरोप लगाया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन देश और भारत जैसे साझेदारों को सस्ते रूसी तेल और गैस से दूर रखकर महंगी अमेरिकी LNG खरीदने पर मजबूर कर रहा है।
यह बयान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारत ने रूस से तेल खरीदना कम करने पर सहमति जताई।
लावरोव ने क्या कहा
- लावरोव ने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन मुद्दे को लेकर मॉस्को से प्रस्ताव स्वीकार करने के बावजूद नए प्रतिबंध लगाए।
- उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका टैरिफ, प्रतिबंध और व्यापार रोक जैसे उपायों से आर्थिक वर्चस्व हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
- लावरोव ने कहा: “वे भारत और अन्य साझेदारों को सस्ते रूसी ऊर्जा खरीदने से रोक रहे हैं और महंगी अमेरिकी LNG लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं।”
- उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस भारत, चीन, इंडोनेशिया और ब्राजील सहित सभी देशों के साथ सहयोग के लिए खुला रहेगा।
भारत का रुख
- भारत ने साफ किया कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं।
- ऊर्जा नीति के मुख्य आधार हैं:
- पर्याप्त उपलब्धता
- उचित मूल्य निर्धारण
- आपूर्ति की विश्वसनीयता
- विदेश मंत्रालय ने कहा: “भारत तेल और गैस का शुद्ध आयातक है। विकासशील अर्थव्यवस्था होने के नाते हमें संसाधनों की उपलब्धता और मुद्रास्फीति पर आयात निर्भरता के प्रभाव के प्रति सचेत रहना चाहिए।”
- भारत के लिए उपभोक्ताओं के हित की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।