राज्य स्तरीय वन मेले का शुभारंभ, आदिवासी वन उत्पादों को मिलेगा बाजार: वन मंत्री संजय शर्मा…
वन विभाग राजस्थान द्वारा प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सचिवालय नर्सरी, जयपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय वन मेले का सोमवार को उद्घाटन वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा ने फीता काटकर किया। यह मेला 9 एवं 10 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
मेले का अवलोकन करने के बाद वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार वन, वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ वनों से प्राप्त औषधियों एवं वन उत्पादों का उत्पादन करने वाले आदिवासियों और अन्य व्यक्तियों को आजीविका के लिए सशक्त बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वन मेला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने जानकारी दी कि आगामी समय में उदयपुर और कोटा की तर्ज पर पहले संभाग स्तरीय तथा बाद में जिला स्तरीय वन मेलों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही भोपाल, मध्यप्रदेश की तर्ज पर जयपुर में भी राष्ट्रीय स्तर के वन मेले का आयोजन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा, जिससे वन आधारित आजीविका को व्यापक पहचान और बाजार मिल सके।
इस अवसर पर आरएफबीडीपी परियोजना के अंतर्गत प्रकाशित स्वयं सहायता समूहों की आजीविका संवर्धन मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया गया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख पवन कुमार उपाध्याय ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ऐसे मेले वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ वनों से प्राप्त उत्पादों के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाले आदिवासियों और स्थानीय समुदायों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम हैं।
राज्य स्तरीय वन मेले में उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, चूरू, करौली, अलवर, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर, जयपुर, कोटा, बारां, प्रतापगढ़, राजसमंद, बीकानेर और झालावाड़ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से वन मंडल, स्वयं सहायता समूह, राजीविका समूह, गैर-सरकारी संगठन और अन्य संस्थाएं भाग ले रही हैं।
मेले में लगाए गए लगभग 52 स्टॉल्स पर शहद व जामुन आधारित उत्पाद, लाख, गोंद, जड़ी-बूटी, औषधीय एवं सुगंधित पौधे, एलोवेरा उत्पाद, हर्बल साबुन, फेस पैक, हेयर ऑयल, बांस एवं बांस से बने उत्पाद, लकड़ी हस्तशिल्प, कावड़ कला, मिलेट आधारित खाद्य सामग्री, मसाले, अचार, आंवला कैंडी, आमचूर पाउडर, नीम उत्पाद, गौ-काष्ठ, जैव उर्वरक, मंडाना जनजातीय कला, वन्यजीव संरक्षण से संबंधित कलात्मक सामग्री, बीज, पौध सामग्री, नर्सरी उत्पाद तथा थार क्षेत्र के विशेष उत्पाद कैर-सांगरी सहित पंच गौरव उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है।
मेले के दौरान विशेषज्ञों द्वारा टॉक शो और संवाद सत्रों के माध्यम से वन एवं पर्यावरण संरक्षण, वन संसाधनों के सतत उपयोग और वन उत्पादों से आजीविका जैसे विषयों पर उपयोगी जानकारी भी साझा की जा रही है।
मुख्य वन संरक्षक जयपुर रामकरण खेरवा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन आनंद कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराग भारद्वाज, प्रधान मुख्य वन संरक्षक शिखा मेहरा सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।