गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस: पिता के बदलते बयानों से गहराया शक, जांच के घेरे में पूरा परिवार..
गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पुलिस जांच में जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे इस घटना को लेकर संदेह और गहरा होता जा रहा है। अब मृतक बच्चियों के पिता के बयानों में विरोधाभास सामने आने के बाद पुलिस हर पहलू से मामले की दोबारा पड़ताल कर रही है।
पिता के दो अलग-अलग बयान, जांच एजेंसियों को हुआ शक
शुरुआत में पिता चेतन ने दावा किया था कि तीनों बेटियां कोरियन गेम्स और ऑनलाइन कंटेंट की गंभीर लत में थीं। कथित तौर पर गेम का आखिरी टास्क पूरा करने के लिए उन्होंने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।
बाद में पिता ने दूसरा बयान दिया, जिसमें कहा गया कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने बेटियों के मोबाइल फोन बेच दिए थे, जिससे बच्चियां मानसिक तनाव में चली गईं और पारिवारिक माहौल बिगड़ गया।
तीन पत्नियां और पांच बच्चे होने का खुलासा
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चेतन की दो नहीं बल्कि तीन पत्नियां हैं और कुल मिलाकर उसके पांच बच्चे हैं। हालांकि, आत्महत्या करने वाली तीनों बहनें एक ही मां की संतान बताई जा रही हैं। इस पारिवारिक संरचना को भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा मान रही है।
आर्थिक तंगी की थ्योरी ने बदला केस का रुख
मृतक बच्चियों के नाना के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। उनके अनुसार चेतन रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ा हुआ था और कभी उसकी अच्छी आय हुआ करती थी। वह फॉर्च्यूनर गाड़ी चलाता था और परिवार के साथ दिल्ली के एक पॉश इलाके में रहता था।
नाना का दावा है कि समय के साथ चेतन पर कर्ज बढ़ता गया, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई।
पहले भी फ्लैट से गिरने से हुई थी एक बेटी की मौत
नाना ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि इससे पहले भी उनकी एक और बेटी की मौत चेतन के फ्लैट से गिरने के कारण हुई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड और घटनाओं को भी खंगालना शुरू कर दिया है।
फॉरेंसिक और साइबर जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मौके से मिले सुसाइड नोट की लिखावट और फिंगरप्रिंट को फॉरेंसिक लैब भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
वहीं, साइबर क्राइम टीम IMEI नंबर के आधार पर पुराने मोबाइल फोन तलाशने में जुटी है, ताकि उनमें मौजूद डेटा रिकवर कर यह पता लगाया जा सके कि बच्चियां किन ऐप्स, गेम्स या ऑनलाइन कंटेंट का इस्तेमाल कर रही थीं।
फिलहाल पुलिस इस मामले को आत्महत्या, मानसिक दबाव, पारिवारिक तनाव और आर्थिक संकट—हर दृष्टिकोण से जांच रही है। अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक और साइबर रिपोर्ट आने के बाद ही किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।