एपस्टीन फाइल्स विवाद पर दलाई लामा कार्यालय का स्पष्ट बयान, सभी आरोपों को किया खारिज…
एपस्टीन से किसी भी तरह के संबंध से इनकार….
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का नाम अमेरिकी यौन अपराधी और मानव तस्कर जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में सामने आने की खबरों पर अब आधिकारिक प्रतिक्रिया आ गई है। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित दलाई लामा कार्यालय ने साफ शब्दों में इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया है।
धर्मशाला कार्यालय की प्रेस रिलीज में क्या कहा गया
दलाई लामा के कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि परम पावन दलाई लामा ने कभी भी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि दलाई लामा ने न तो किसी प्रतिनिधि को एपस्टीन से मिलने भेजा और न ही किसी प्रकार की बातचीत की अनुमति दी।
‘169 बार नाम होने’ के दावे को बताया भ्रामक
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि दलाई लामा का नाम तथाकथित “एपस्टीन फाइल्स” में 169 बार दर्ज है। हालांकि, अब तक ऐसी कोई प्रमाणिक फाइल सार्वजनिक नहीं हुई है, जिसमें दलाई लामा का नाम दर्ज होने की पुष्टि हो सके।
तिब्बती कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल
तिब्बती कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी इन खबरों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि केवल किसी दस्तावेज़ या रिपोर्ट में नाम का ज़िक्र होना, किसी अपराध का सबूत नहीं माना जा सकता, जब तक कि ठोस तथ्य और प्रमाण सामने न हों।
भ्रामक खबरों से प्रतिष्ठा को नुकसान की आशंका
दलाई लामा कार्यालय ने संकेत दिया है कि इस तरह की अपुष्ट और भ्रामक खबरें न केवल तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती हैं, बल्कि एक वैश्विक आध्यात्मिक नेता की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती हैं।
आधिकारिक बयान से स्थिति स्पष्ट
इस स्पष्टीकरण के बाद दलाई लामा और जेफरी एपस्टीन के बीच किसी भी तरह के संबंध की अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यालय ने मीडिया से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की खबर प्रकाशित करने से बचा जाए।