राज्यसभा में PM मोदी का तीखा संदेश: ट्रेड डील से लेकर कांग्रेस-TMC पर हमले तक, भाषण की 12 बड़ी बातें..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तुत विज़न को संवेदनशील और समावेशी बताया। पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्ष भारत के लिए तेज विकास और समाज के हर वर्ग में बदलाव का कालखंड रहे हैं और देश सही दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
भाषण शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा
पीएम मोदी के बोलते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में शोरगुल के बीच प्रधानमंत्री ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष को बैठकर भी नारे लगाने की अनुमति दी जा सकती है।
खरगे पर तंज, सभापति से की टिप्पणी
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लेते हुए कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए वे बैठकर भी नारेबाजी कर सकते हैं। उन्होंने सभापति से आग्रह किया कि इससे उन्हें शारीरिक कष्ट भी नहीं होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब न रुकने वाला है और न पीछे मुड़कर देखने वाला है। लक्ष्य प्राप्ति तक रुकने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में पिछले वर्ष तेज प्रगति के रहे और हर क्षेत्र में परिवर्तन साफ नजर आ रहा है।
भारत की वैश्विक भूमिका और टैलेंट की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया आज भारत के युवा टैलेंट और उसकी क्षमताओं को पहचान रही है। भारत के पास सपने देखने वाला और उन्हें साकार करने वाला युवा वर्ग है। साइंस, स्पेस, स्पोर्ट्स और टेक्नोलॉजी हर क्षेत्र में भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है।
नए ग्लोबल ऑर्डर में भारत की बढ़ती भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि कोविड के बाद दुनिया अब भी अस्थिर है और ऐसे समय में एक नए ग्लोबल वर्ल्ड ऑर्डर की ओर बढ़ रही है। इस बदलाव का केंद्र भारत बनता जा रहा है और वैश्विक घटनाओं का झुकाव भारत की ओर है।
ट्रेड डील्स पर कांग्रेस पर सीधा हमला
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत कई देशों के साथ ट्रेड डील कर रहा है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब दुनिया का कोई देश भारत के साथ समझौता करने को तैयार नहीं था और अब भारत वैश्विक साझेदार बन चुका है।
TMC पर घुसपैठ को लेकर तीखा प्रहार
पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग घुसपैठियों की वकालत कर रहे हैं, उन्हें देश कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए देश के युवाओं के अधिकार छीन रहे हैं और ऐसे लोग आईना देखने से बचते हैं।
अर्थव्यवस्था की रैंकिंग पर कांग्रेस को घेरा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज़ादी के समय भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन कांग्रेस शासन में देश 11वें नंबर पर चला गया। उन्होंने कहा कि अब भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
बैंकिंग सेक्टर में सुधार और फोन बैंकिंग पर हमला
पीएम मोदी ने 2014 से पहले के दौर को ‘फोन बैंकिंग’ का कालखंड बताया। उन्होंने कहा कि उस समय नेताओं के फोन पर अरबों रुपये बांटे जाते थे, जबकि आम आदमी को अपमान झेलना पड़ता था। उनकी सरकार ने बैंकिंग सेक्टर में सुधार कर उसे मजबूत बनाया।
मुद्रा योजना, MSME और NPA पर आंकड़ों के साथ दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी लाखों करोड़ रुपये युवाओं को दिए गए। MSME सेक्टर को बड़े पैमाने पर ऋण मिला और NPA को 1 प्रतिशत से नीचे लाया गया, जिससे बैंक रिकॉर्ड मुनाफे में पहुंचे।
PSU और मेक इन इंडिया की बदली तस्वीर
पीएम मोदी ने कहा कि एक समय PSU को घाटे का सौदा माना जाता था, लेकिन सुधारों के बाद आज ये रिकॉर्ड प्रॉफिट कमा रहे हैं। LIC और अन्य PSU वैश्विक स्तर पर बड़े ऑर्डर हासिल कर रहे हैं और मेक इन इंडिया को नई गति मिली है।
प्रगति प्लेटफॉर्म और अधूरी परियोजनाओं का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय अटकी परियोजनाओं को ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म के जरिए पूरा किया गया। इससे करीब 85 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति मिली और धरातल पर बदलाव नजर आया।
पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में जनता को ही समस्या माना जाता था, जबकि उनकी सरकार जनता को समाधान का हिस्सा मानती है।
लोकसभा में क्यों टला PM मोदी का संबोधन?
बजट सत्र के दौरान लगातार हो रहे हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन महिला सांसदों के विरोध के कारण सदन स्थगित कर दिया गया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि सदन की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री के साथ कोई अप्रत्याशित घटना हो सकती थी, इसलिए उनके अनुरोध पर पीएम मोदी लोकसभा में नहीं आए। इसके बाद प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया।