राजा रघुवंशी हत्याकांड: दो आरोपी बरी, क्या मुख्य आरोपी सोनम को मिल सकती है राहत?मामले में बड़ा अपडेट: साक्ष्य नष्ट करने के आरोपी रिहा
कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक अहम मोड़ सामने आया है। साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो—फ्लैट मालिक शिलाम जेम्स और चौकीदार बलवीर—को अदालत ने रिहा कर दिया है। दोनों को इससे पहले जुलाई माह में शिलांग की अदालत से जमानत मिल चुकी थी। गहन जांच के बाद इनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं मिलने पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
एसपी का बयान: शुरुआती संदेह के आधार पर हुई थीं गिरफ्तारियां
पूर्वी खासी हिल्स के एसपी विवेक सिम ने बताया कि जांच के शुरुआती चरण में उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी। हालांकि बाद की विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जिन दो आरोपियों को छोड़ा गया है, उनके खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं हो सके।
लोकेंद्र सिंह तोमर की भूमिका क्या थी?
जांच के दौरान पुलिस ने जब फ्लैट मालिक शिलाम जेम्स से पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि सोनम रघुवंशी के ब्लैक बैग को जला दिया गया था। इसी कड़ी में शिलाम के मोबाइल से लोकेंद्र सिंह नामक व्यक्ति के संपर्क सामने आए। इसके बाद ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने लोकेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि लोकेंद्र ने शिलाम को मैसेज कर फ्लैट से ब्लैक बैग हटाने और उसे जलाने के निर्देश दिए थे।
ब्लैक बैग में क्या था? जांच में चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस के अनुसार, जलाए गए ब्लैक बैग में सोने के गहने, मंगलसूत्र, करीब 5 लाख रुपये नकद, एक देसी पिस्टल (कट्टा), राजा रघुवंशी का मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य मौजूद थे। इन्हीं तथ्यों के आधार पर लोकेंद्र सिंह राठौर को इस हत्याकांड का आठवां आरोपी बनाया गया।
अब तक कितनी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं?
इस केस में अब तक पुलिस राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह और उसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बाद इंदौर से शिलाम जेम्स और चौकीदार बलवीर को भी हिरासत में लिया गया था। मामले की परतें खुलने के साथ-साथ जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया।
क्या सोनम रघुवंशी को मिलेगी जमानत?
फिलहाल मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह और अन्य आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि दिसंबर महीने में सोनम की जमानत याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी है। ऐसे में आगे जमानत मिलेगी या सजा—यह पूरी तरह जांच और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।