विधायक निधि घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव हिरासत मेंजयपुर | पुराने घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की सक्रियता…
विधायक कोष से स्कूलों में खेल सामग्री आपूर्ति से जुड़े एक पुराने कथित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को हिरासत में लिया है। ईडी की टीम ने उन्हें शाहजहांपुर क्षेत्र से पकड़ा। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर ईडी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है।
पीएमएलए कोर्ट में पेशी, रिमांड की तैयारी
ईडी सूत्रों के अनुसार, बलजीत यादव को बुधवार को पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) मामलों की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी में है, ताकि मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और आपूर्ति प्रक्रिया की गहराई से जांच की जा सके।
विधायक कोष से खेल सामग्री आपूर्ति में गड़बड़ी का आरोप
बलजीत यादव पर आरोप है कि उन्होंने विधायक निधि का उपयोग स्कूलों में खेल सामग्री उपलब्ध कराने के नाम पर किया, लेकिन आपूर्ति की गई सामग्री घटिया गुणवत्ता की थी और इसमें वित्तीय अनियमितताएं की गईं। इसी मामले में ईडी ने 24 जनवरी 2025 को उनके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत मिलने का दावा किया गया था।
छापेमारी के एक साल बाद हुई गिरफ्तारी
ईडी की कार्रवाई के करीब एक साल बाद अब यह हिरासत की कार्रवाई सामने आई है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस घोटाले से जुड़े कई पहलुओं पर अभी और पूछताछ की आवश्यकता है, जिसमें ठेकेदारों, बिलिंग और भुगतान प्रक्रिया की भूमिका भी शामिल है।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम का तीखा बयान
इस मामले पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ दिखावटी लड़ाई लड़ने वाले ही असल में जनता को गुमराह कर रहे थे। काले कपड़े पहनकर नैतिकता का संदेश देने वाले व्यक्ति की विधानसभा में विधायक निधि के दुरुपयोग का मामला सामने आना बेहद गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ बिना भेदभाव सख्त कार्रवाई करेगी।
2018 से 2023 तक रहे निर्दलीय विधायक
गौरतलब है कि बलजीत यादव वर्ष 2018 से 2023 तक बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान विधायक कोष से जुड़े इस कथित घोटाले की शिकायतें सामने आई थीं, जिनकी जांच अब केंद्रीय एजेंसी कर रही है।