क्या ‘धुरंधर’–‘एनिमल’ की राह पर चलेंगे राजामौली? जानिए कितने पार्ट में आएगी 1300 करोड़ की ‘वाराणसी’
▶️ राजामौली की नई फिल्म को लेकर फैंस में जबरदस्त क्रेज
जब भी एसएस राजामौली किसी नए प्रोजेक्ट का ऐलान करते हैं, सिनेमा प्रेमियों की उम्मीदें आसमान छूने लगती हैं। भव्य सेट, मजबूत कहानी और हाई-स्केल एक्शन उनकी फिल्मों की पहचान बन चुके हैं। अब उनकी अपकमिंग मेगा बजट फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर भी दर्शकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
▶️ मल्टी-पार्ट फिल्मों के दौर में उठा बड़ा सवाल
आजकल ज्यादातर बड़ी फिल्में दो या उससे ज्यादा हिस्सों में बनाई जा रही हैं।
- ‘धुरंधर’ को दो पार्ट में रिलीज किया गया
- ‘एनिमल’ के अगले पार्ट पर काम चल रहा है
ऐसे में फैंस यह जानना चाहते थे कि क्या राजामौली भी अपनी अगली 1300 करोड़ की फिल्म को दो पार्ट में लाने वाले हैं।
▶️ राजामौली ने खुद तोड़ी चुप्पी
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में एसएस राजामौली ने इस सवाल का साफ जवाब दे दिया। उन्होंने बताया कि ‘वाराणसी’ सिर्फ एक ही पार्ट में रिलीज होगी।
रेडिट के r/tollywood पेज पर शेयर किए गए इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि फिल्म को दो हिस्सों में बांटने का विचार जरूर आया था, लेकिन जल्द ही उसे छोड़ दिया गया।
▶️ एक ही फिल्म में पूरी कहानी दिखाने का फैसला
राजामौली ने इंटरव्यू में बताया कि ‘वाराणसी’ का अनुमानित रनटाइम 3 घंटे से 3 घंटे 20 मिनट के बीच होगा।
उनका मानना है कि कहानी इतनी प्रभावशाली है कि उसे एक ही फिल्म में दिखाना ज्यादा सही रहेगा। अगर इसे दो भागों में बांटा जाता, तो कहानी का भावनात्मक असर कमजोर पड़ सकता था।
▶️ लंबा रनटाइम, लेकिन भरोसेमंद कंटेंट
राजामौली का ट्रैक रिकॉर्ड इस बात का सबूत है कि अगर कंटेंट दमदार हो, तो लंबा रनटाइम दर्शकों के लिए परेशानी नहीं बनता।
‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ जैसी फिल्मों ने यह साबित किया है कि मजबूत कहानी के सामने समय की लंबाई मायने नहीं रखती।
▶️ ‘वाराणसी’ में पहली बार साथ दिखेंगे महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा
‘वाराणसी’ को लेकर एक और बड़ा आकर्षण इसकी स्टारकास्ट है। इस फिल्म में
- साउथ सुपरस्टार महेश बाबू
- और बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा
पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। यह जोड़ी अपने आप में ही फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट बढ़ा रही है।
▶️ दो-पार्ट ट्रेंड से अलग रास्ता चुन रहे राजामौली
आज जब इंडस्ट्री में दो या तीन पार्ट में फिल्में बनाने का चलन चरम पर है, तब राजामौली का ‘वाराणसी’ को सिंगल-पार्ट फिल्म के तौर पर पेश करने का फैसला उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है।
यह कंफर्मेशन सामने आने के बाद दर्शकों का इंतजार और भी बढ़ गया है।
▶️ कंटेंट पर भरोसा, ट्रेंड पर नहीं
राजामौली का यह फैसला साफ दिखाता है कि वह ट्रेंड के पीछे नहीं, बल्कि कहानी की जरूरत के हिसाब से फिल्म बनाते हैं।
जहां कई फिल्में सिर्फ फ्रेंचाइज़ बनाने के लिए पार्ट्स में बंटी नजर आती हैं, वहीं ‘वाराणसी’ को एक संपूर्ण सिनेमाई अनुभव के रूप में पेश करने की तैयारी है।