बजट 2026 में मिडिल क्लास को मिल सकती है बड़ी राहत, टैक्स से लेकर हेल्थ इंश्योरेंस तक जेब होगी हल्की
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर के करदाताओं की निगाहें टिकी हुई हैं। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी। बढ़ती महंगाई, स्वास्थ्य खर्च और टैक्स बोझ के बीच आम आदमी को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। जानकारों के मुताबिक इस बार सरकार इनकम टैक्स, निवेश और स्वास्थ्य से जुड़े कई अहम मोर्चों पर राहत दे सकती है।
इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद
पिछले बजट में सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर बड़ी राहत दी थी। अब चर्चा है कि टैक्स स्लैब को और सरल बनाया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि 30 प्रतिशत वाले उच्चतम टैक्स स्लैब की सीमा 24 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 या 35 लाख रुपये की जा सकती है। ऐसा हुआ तो मिडिल और अपर-मिडिल क्लास के करदाताओं की इन-हैंड सैलरी में सीधा इजाफा होगा।
स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने की संभावना
वर्तमान में नौकरीपेशा लोगों को 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग जोर पकड़ रही है। यदि सरकार यह कदम उठाती है, तो टैक्सेबल इनकम अपने आप कम हो जाएगी और 13 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स का बोझ और घट सकता है।
निवेशकों को LTCG और STT में राहत की आस
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए भी बजट अहम हो सकता है। पिछले साल लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किया गया था। अब निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि टैक्स-फ्री लिमिट 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये की जाए। इसके अलावा सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में कटौती से ट्रेडिंग लागत कम हो सकती है।
होम लोन और सेविंग्स पर अतिरिक्त छूट
होम लोन के ब्याज पर सेक्शन 24(b) के तहत मिलने वाली 2 लाख रुपये की छूट कई वर्षों से नहीं बढ़ी है। घरों की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इसे 3 लाख रुपये करने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए सेक्शन 80C की सीमा 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये की जा सकती है, जिससे बचत को बढ़ावा मिलेगा।
हेल्थ इंश्योरेंस पर बड़ी राहत बन सकती है गेम-चेंजर
कोरोना के बाद स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में तेज बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल हेल्थ इंश्योरेंस पर 25,000 रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। बजट 2026 में इसे बढ़ाकर 50,000 रुपये किए जाने की उम्मीद है। साथ ही, यदि न्यू टैक्स रिजीम में भी हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट दी जाती है, तो यह आम आदमी के लिए एक बड़ा और असरदार कदम साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर बजट 2026 से मिडिल क्लास को टैक्स राहत, निवेश प्रोत्साहन और स्वास्थ्य सुरक्षा के मोर्चे पर कई सकारात्मक ऐलान की उम्मीद है। अगर ये प्रस्ताव हकीकत बनते हैं, तो आम आदमी की जेब पर दबाव कम होगा और खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार मिल सकती है।