केंद्रीय आदेश: डॉग बाइट केस में इलाज में देरी न बर्दाश्त
केंद्र ने जारी किया सख्त निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में कुत्ते के काटने के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) और रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG) का स्थायी स्टॉक रखने का निर्देश दिया है।
जगह-जगह मेडिकल तैयारी बढ़ाने का आदेश
सरकार ने स्कूल, अस्पताल, बस डिपो, रेलवे स्टेशन और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर मेडिकल तैयारी प्रोटोकॉल लागू करने को कहा है।
सभी राज्यों और मंत्रालयों को भेजा गया नोटिस
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिसंबर में केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह निर्देश भेजा। हर अस्पताल में ARV और RIG का हर समय अनिवार्य स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा गया।
एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन क्या हैं?
- ARV (Anti-Rabies Vaccine): शरीर को लंबे समय तक सुरक्षा देने के लिए एंटीबॉडी बनाने के लिए उत्तेजित करता है।
- RIG (Rabies Immunoglobulin): तुरंत सुरक्षा प्रदान करता है। पहले से बनी एंटीबॉडी देता है, जो तुरंत असर करती है लेकिन अस्थायी होती है।
केंद्र का मकसद
केंद्र का लक्ष्य है कि कुत्ते के काटने से होने वाले रेबीज मामलों में समय पर और प्रभावी इलाज सुनिश्चित हो। किसी भी मरीज को इलाज में देरी न हो, ताकि रेबीज से होने वाली मौतों को रोका जा सके।
देश में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों के बीच यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अहम है। ARV और RIG का समय पर उपयोग ही जीवन बचाने में निर्णायक साबित होता है। इससे न केवल रेबीज के केस कम होंगे, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ेगी।