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‘फिंगर्स ऑन ट्रिगर’: ईरान ने अमेरिका को सैन्य कार्रवाई पर दी खुली चेतावनी

तेहरान-वॉशिंगटन में बढ़ता टकराव

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरानी सेनाएं किसी भी सैन्य हमले का तुरंत और जोरदार जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


ईरान का सख्त संदेश: सेना पूरी तरह अलर्ट

अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान की बहादुर सशस्त्र सेनाएं जमीन, हवा और समुद्र—तीनों मोर्चों पर पूरी तरह तैयार हैं। उनके मुताबिक, सेनाओं की “उंगलियां ट्रिगर पर हैं” और किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।


‘हम डराने से नहीं झुकेंगे’

ईरानी विदेश मंत्री ने साफ किया कि दबाव, धमकी और सैन्य डर के जरिए ईरान को झुकाया नहीं जा सकता। उनका कहना था कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


परमाणु समझौते का दरवाज़ा अभी बंद नहीं

कड़े लहजे के बावजूद अराघची ने यह भी संकेत दिया कि ईरान परमाणु समझौते के विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समझौता निष्पक्ष, न्यायसंगत और बराबरी के आधार पर हो, तो ईरान उसे स्वीकार करने को तैयार है।


शांतिपूर्ण परमाणु अधिकार पर जोर

अराघची ने दोहराया कि ईरान अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी नए समझौते में ईरान के तकनीकी अधिकारों की गारंटी होनी चाहिए और परमाणु हथियारों के अस्तित्व पर रोक लगनी चाहिए।


ट्रंप की नई धमकी: ‘अगला हमला और भी भयानक होगा’

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को खुली धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और अगर समझौता नहीं हुआ, तो अगला सैन्य हमला पहले से कहीं ज्यादा विनाशकारी होगा।


‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का जिक्र

ट्रंप ने अपने बयान में पहले हुए ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का हवाला देते हुए कहा कि उस कार्रवाई में ईरान को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली कार्रवाई उससे भी ज्यादा कठोर होगी।


बयानों की जंग, हालात और बिगड़ने के संकेत

दोनों देशों के नेताओं की बयानबाजी से साफ है कि कूटनीति और सैन्य टकराव के बीच संतुलन लगातार कमजोर होता जा रहा है। एक तरफ बातचीत की संभावना की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ युद्ध की धमकियां हालात को और अस्थिर बना रही हैं।


बातचीत या टकराव—किस दिशा में जाएगा संकट?

ईरान और अमेरिका के ताजा बयानों से यह साफ है कि हालात बेहद संवेदनशील हैं। जहां ईरान सैन्य तैयारी दिखाकर दबाव का जवाब दे रहा है, वहीं अमेरिका ताकत के दम पर समझौता थोपने की कोशिश करता नजर आ रहा है। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह टकराव बातचीत की मेज तक पहुंचेगा या फिर पश्चिम एशिया एक और बड़े संघर्ष की ओर बढ़ेगा।

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