भूलकर भी पाकिस्तान न जाएं: अमेरिका ने अपने नागरिकों को क्यों किया सतर्क
ट्रंप सरकार की दो टूक चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने पाकिस्तान को लेकर अपने नागरिकों के लिए कड़ा संदेश जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा हालात को देखते हुए पाकिस्तान यात्रा पर दोबारा सोचने की सलाह दी है। आतंकवाद, अपराध और नागरिक अशांति के बढ़ते खतरे को इसकी बड़ी वजह बताया गया है।
लेवल-3 एडवाइजरी: हाई रिस्क देशों की सूची में पाकिस्तान
अमेरिका ने पाकिस्तान को लेवल-3 ट्रैवल एडवाइजरी में रखा है। यह श्रेणी उन देशों के लिए होती है जहां हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं और बिना चेतावनी आतंकवादी हमले होने की आशंका रहती है। विदेश विभाग के अनुसार पाकिस्तान में हालात अभी भी अस्थिर बने हुए हैं।
आतंक, अपराध और अपहरण का खतरा
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान में अपराध, आतंकवाद, नागरिक अशांति और अपहरण का खतरा लगातार बना हुआ है। खास तौर पर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं चिंता का कारण हैं।
एयरपोर्ट से मंदिर तक, हर जगह खतरे की आशंका
एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि पाकिस्तान में परिवहन केंद्र, होटल, बाजार, शॉपिंग मॉल, सैन्य और सुरक्षा ठिकाने, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, स्कूल, अस्पताल, पूजा स्थल, पर्यटन स्थल और सरकारी इमारतें हमलों के संभावित लक्ष्य हो सकते हैं।
कुछ इलाकों को लेवल-4 में डाला गया
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा सहित कुछ क्षेत्रों को लेवल-4 ‘Do Not Travel’ श्रेणी में रखा गया है। अमेरिका ने साफ कहा है कि इन इलाकों में किसी भी कारण से यात्रा न की जाए, क्योंकि यहां हत्या और अपहरण की घटनाएं आम हैं।
प्रदर्शन में शामिल हुए तो गिरफ्तारी तय
अमेरिकी विदेश विभाग ने चेताया है कि पाकिस्तान में बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर रोक है। ऐसे मामलों में अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। यह चेतावनी पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों पर भी समान रूप से लागू होगी।
पाकिस्तान-अमेरिका रिश्तों के बीच सख्त संदेश
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह एडवाइजरी केवल सुरक्षा चेतावनी नहीं, बल्कि पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति और आतंकी ढांचे पर अंतरराष्ट्रीय चिंता को भी दर्शाती है। अमेरिका का यह रुख बताता है कि हालात में सुधार के दावे अब भी भरोसेमंद नहीं माने जा रहे।
पाकिस्तान के लिए क्यों बढ़ी परेशानी
अमेरिका की यह चेतावनी पाकिस्तान की वैश्विक छवि पर सीधा असर डालती है। पर्यटन, विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय विश्वास पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही यह संदेश भी साफ है कि आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा पर ठोस कार्रवाई के बिना हालात नहीं बदलेंगे।