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वसुंधरा राजे: महिलाओं को राजनीति में स्थान पाने के लिए पुरुषों से 3 गुना मेहनत करनी पड़ती है


पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी अभी भी पर्याप्त नहीं है। महिलाओं को पुरुषों के बराबर स्थान पाने के लिए तीन गुना मेहनत करनी पड़ती है। राजे यह बात शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित जाट महिला शक्ति संगम कार्यक्रम में बोलते हुए कह रही थीं।


संसद में महिलाओं की संख्या

  • राज्यसभा में 1952 में महिला सदस्य: 15
  • वर्तमान में महिला सदस्य: 42
  • लोकसभा में पहली बार महिला सांसद: 22
  • आज महिला सांसद: 74

राजे ने कहा कि इन आंकड़ों में सुधार हुआ है, लेकिन संख्या पुरुषों के बराबर नहीं है, जो कि होना चाहिए।


शिक्षा और सफलता की मिसाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा महिलाओं की सफलता की कुंजी है। उन्होंने कई नामी महिलाओं का उदाहरण दिया:

  • प्रतिभा पाटिल
  • द्रौपदी मुर्मू
  • डॉ. कमला बेनीवाल
  • हेमा मालिनी
  • सुमित्रा सिंह
  • डॉ. प्रियंका चौधरी
  • रीटा चौधरी
  • डॉ. शिखा मील
  • सुशीला बराला
  • पद्मश्री से सम्मानित कृष्णा पूनिया, कमला कंस्वा, दिव्या मदेरणा

जाट आरक्षण का जिक्र

कार्यक्रम में जाट महासभा अध्यक्ष राजाराम मील ने कहा कि वसुंधरा राजे ने जाट आरक्षण बचाया। धौलपुर और भरतपुर के जाटों को आरक्षण दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा।


राजस्थान की महिला शक्ति पर जोर

राजे ने कहा कि आजादी के समय भारत में महिलाओं की साक्षरता 9% थी, आज यह बढ़कर 65% हो गई है। चुनावों में लड़ने वाली महिलाओं की संख्या 10% है, जबकि 1957 में सिर्फ 3% थी।

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Stv News Rajasthan

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