भूषण कुमार का खुलासा: क्यों बदले गए ‘बॉर्डर 2’ में गानों के बोल और सिंगर
1997 की आइकॉनिक फिल्म ‘बॉर्डर’ के गाने आज भी देशभक्ति की भावना जगा देते हैं। अब ‘बॉर्डर 2’ में उन्हीं यादगार गीतों को नए अंदाज़ और नई आवाज़ों के साथ पेश किया जा रहा है। फिल्म के निर्माता भूषण कुमार ने बताया कि आखिर क्यों इन गानों के बोल बदले गए और सिंगर्स की लिस्ट में नए नाम जोड़े गए।
क्यों ज़रूरी था ‘संदेशे आते हैं’ का वापसी
भूषण कुमार के मुताबिक, ‘बॉर्डर 2’ तीन चीज़ों के बिना अधूरी थी—
- बॉर्डर नाम,
- सनी देओल,
- और ‘संदेशे आते हैं’ जैसा भावनात्मक गीत।
उन्होंने कहा कि यह पहले से तय था कि इस गाने को फिल्म में शामिल किया जाएगा, लेकिन कहानी अलग होने की वजह से इसके बोलों में बदलाव ज़रूरी था।
नई कहानी, नए बोल
निर्माताओं ने पहले फिल्म के मूल गीतकार जावेद अख़्तर से लिरिक्स में बदलाव का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने शब्दों में किसी भी तरह के संशोधन से इनकार कर दिया।
इसके बाद मनोज मुंतशिर को यह ज़िम्मेदारी दी गई, जिन्होंने 1971 की जंग से जुड़ी नई कहानियों और अलग-अलग सैनिकों की ज़िंदगी को ध्यान में रखते हुए नए बोल लिखे।
‘घर कब आओगे’ के नाम से नया रूप
इस बार ‘संदेशे आते हैं’ को ‘घर कब आओगे’ शीर्षक से पेश किया गया है।
इस गाने को कई दिग्गज गायकों ने मिलकर आवाज़ दी है—
- सोनू निगम
- अरिजीत सिंह
- दिलजीत दोसांझ
- विशाल मिश्रा
वहीं ‘ऐ जाते हुए लम्हों’ के नए वर्ज़न को विशाल मिश्रा और रूप कुमार राठौड़ ने गाया है।
निर्देशन और प्रोडक्शन की कमान
‘बॉर्डर 2’ का निर्देशन अनुराग सिंह कर रहे हैं, जो इससे पहले ‘केसरी’ जैसी हिट फिल्म बना चुके हैं।
फिल्म के प्रोडक्शन से इस बार जेपी दत्ता की बेटी निधि दत्ता भी जुड़ी हुई हैं, जबकि पहली ‘बॉर्डर’ का निर्देशन खुद जेपी दत्ता ने किया था।
क्या दोबारा चलेगा वही जादू?
नई कहानियों, नए कलाकारों और पुराने गानों के नए भावनात्मक रूप के साथ ‘बॉर्डर 2’ से दर्शकों को बड़ी उम्मीदें हैं। अब देखना यह होगा कि क्या यह फिल्म भी पहली ‘बॉर्डर’ की तरह दर्शकों के दिलों में देशभक्ति की वही गहरी छाप छोड़ पाएगी