11 विमान और 5 नौसैनिक जहाज… क्या ताइवान पर दबाव बढ़ाने की ‘रिहर्सल’ कर रहा है चीन?
🟠 ताइवान जलडमरूमध्य में बढ़ता सैन्य तनाव
ताइवान के आसपास चीनी सैन्य गतिविधियों में एक बार फिर तेज़ी देखी गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, चीन ने एक ही दिन में 11 सैन्य विमान और 5 नौसैनिक जहाज ताइवान के नज़दीक तैनात किए। इनमें से कई विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा पार कर हवाई रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में घुसपैठ की, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी हो गई हैं।
🟠 23 उड़ानें, 17 बार मध्य रेखा पार
ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार सुबह 10:40 बजे से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के विभिन्न प्रकार के 23 विमानों की गतिविधि दर्ज की गई।
👉 इनमें शामिल थे:
- J-10 फाइटर जेट
- H-6K बॉम्बर
- KJ-500 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट
इन 23 उड़ानों में से 17 विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा पार कर उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया।
🟠 वायु-समुद्री संयुक्त अभ्यास
ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, चीनी विमान इन उड़ानों के दौरान PLA Navy के जहाजों के साथ संयुक्त वायु-समुद्री अभ्यास कर रहे थे।
X (पूर्व ट्विटर) पर जारी बयान में मंत्रालय ने कहा कि:
“ROC सशस्त्र बलों ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी और तदनुसार कार्रवाई की।”
🟠 सुबह 6 बजे तक दिखे 11 विमान और 5 जहाज
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सुबह 6 बजे (स्थानीय समय) तक ताइवान के आसपास:
- 11 चीनी सैन्य विमान
- 5 चीनी नौसैनिक जहाज
सक्रिय पाए गए। इनमें से 9 विमानों ने मध्य रेखा पार कर ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में घुसपैठ की।
🟠 ड्रोन घुसपैठ ने बढ़ाई चिंता
इससे पहले 18 जनवरी को ताइवान के नियंत्रण वाले द्वीपों के पास एक चीनी सैन्य निगरानी ड्रोन की गतिविधि सामने आई थी।
👉 ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक:
- ड्रोन ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में दाखिल हुआ
- यह डोंग्शा (प्रातास) द्वीप समूह की दिशा में बढ़ा
- ड्रोन इतनी ऊंचाई पर उड़ रहा था कि वह स्थानीय एयर डिफेंस की प्रभावी रेंज से बाहर था
🟠 अलर्ट बढ़ाया गया, चेतावनी जारी
घटना के बाद द्वीपों पर तैनात ताइवानी सैन्य बलों को:
- सतर्कता स्तर बढ़ाने
- हवाई निगरानी तेज करने
के निर्देश दिए गए।
अंतरराष्ट्रीय रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए बार-बार चेतावनी देने के बाद ड्रोन कुछ मिनटों में वापस लौट गया।
🟠 ताइवान का आरोप: उकसावे की कार्रवाई
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस गतिविधि की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि:
- यह अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है
- क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को खतरे में डालता है
- यह चीन के बढ़ते दबाव अभियान का हिस्सा है
🟠 क्या यह ताइवान पर कब्जे की तैयारी?
सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की लगातार गतिविधियां केवल निगरानी नहीं बल्कि:
- प्रतिक्रिया समय परखने
- ताइवान की एयर डिफेंस क्षमता जांचने
- संभावित सैन्य घेराबंदी (blockade) की रिहर्सल
हो सकती हैं।
चीन पहले भी “ग्रे ज़ोन वारफेयर” के जरिए बिना सीधे युद्ध के ताइवान पर दबाव बढ़ाता रहा है।