Gold–Silver Price Today: 22 हजार की गिरावट के बाद फिर उछाल, 23 जनवरी को क्या अभी खरीदना सही?
सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को करीब 22 हजार रुपये तक की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार, 23 जनवरी की सुबह एक बार फिर इन कीमती धातुओं ने जोरदार वापसी की है। घरेलू वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों ने नए रिकॉर्ड स्तर छू लिए हैं। ऐसे में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए या रुकना बेहतर रहेगा?
📈 MCX पर आज रिकॉर्ड हाई
जियो-पॉलिटिकल तनाव और डॉलर में कमजोरी के चलते सेफ-हेवेन डिमांड बढ़ी है, जिसका सीधा असर सोने-चांदी पर दिखा।
- सोना (MCX फरवरी वायदा)
👉 करीब ₹2,900 की तेजी के साथ ₹1,59,226 प्रति 10 ग्राम (रिकॉर्ड स्तर) - चांदी (MCX मार्च वायदा)
👉 ₹12,600 से ज्यादा की छलांग लगाकर ₹3,39,927 प्रति किलो (रिकॉर्ड स्तर)
🪙 23 जनवरी को घरेलू बाजार में सोने के भाव
(प्रति ग्राम)
- 24 कैरेट सोना: ₹15,971
- 22 कैरेट सोना: ₹14,640
- 18 कैरेट सोना: ₹11,978
🔻 गुरुवार को क्यों आई थी बड़ी गिरावट?
गुरुवार को वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौटने से सोने-चांदी पर दबाव देखने को मिला।
IBJA के मुताबिक:
- चांदी ₹19,386 सस्ती होकर ₹2,99,711 प्रति किलो पर आ गई थी
- 24 कैरेट सोना ₹3,099 गिरकर ₹1,51,128 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया
इस गिरावट ने लंबे समय से इंतजार कर रहे खरीदारों को राहत दी थी।
🌍 अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
- सोना: 0.12% फिसलकर $4,831 प्रति औंस
- चांदी: 1.01% गिरकर $93 प्रति औंस
विशेषज्ञों के मुताबिक, दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नरम रुख से वैश्विक अस्थिरता थोड़ी कम हुई, जिससे गुरुवार को दबाव बना।
🤔 क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय मिली-जुली है:
✔️ खरीदारी के पक्ष में तर्क
- जियो-पॉलिटिकल रिस्क अभी खत्म नहीं हुआ है
- डॉलर में कमजोरी से सोने को सपोर्ट
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए ट्रेंड अब भी पॉजिटिव
⚠️ सावधानी की वजह
- कीमतें रिकॉर्ड हाई पर हैं
- शॉर्ट-टर्म में मुनाफावसूली से फिर गिरावट आ सकती है
📝 एक्सपर्ट स्ट्रैटेजी
- निवेश के लिए: SIP या चरणबद्ध खरीद बेहतर
- ज्वेलरी खरीद: हल्की गिरावट का इंतजार समझदारी
- ट्रेडिंग: हाई वोलैटिलिटी में स्टॉप-लॉस जरूरी
सोना-चांदी फिलहाल मजबूत ट्रेंड में हैं, लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई पर एकमुश्त खरीद जोखिम भरी हो सकती है। अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं तो धीरे-धीरे खरीदारी करें, जबकि शॉर्ट-टर्म निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।