5 साल के बच्चे की हिरासत में तस्वीर ने अमेरिका की नीति उजागर की
मिनेसोटा से आई एक तस्वीर ने अमेरिका में ट्रंप सरकार की इमिग्रेशन नीतियों पर बहस छेड़ दी है। 5 वर्षीय लियाम रामोस और उसके पिता को इमिग्रेशन एजेंटों ने हिरासत में लिया और टेक्सास के डिटेंशन सेंटर भेज दिया। यह घटना अमेरिका में बच्चों और परिवारों के प्रति कठोर रुख को दर्शाती है।
मिनेसोटा में क्या हुआ?
- कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल से घर लौटते समय 5 साल के लियाम और उनके पिता को ICE एजेंटों ने हिरासत में लिया।
- पिता और बच्चे को टेक्सास के लॉकअप सेंटर ले जाया गया।
- स्कूल के अधिकारियों का कहना है कि बच्चे को बड़े सदस्य या स्कूल अधिकारी के पास नहीं छोड़ा गया।
परिवार की स्थिति
- परिवार ने 2024 में अमेरिका में शरण का आवेदन दिया था।
- वे अवैध रूप से नहीं आए थे और उन्हें देश छोड़ने का आदेश नहीं मिला है।
- वकील का कहना है कि माता-पिता दोनों पोर्ट ऑफ एंट्री के जरिए अमेरिका आए थे।
ट्रंप प्रशासन का दावा
- होमलैंड सिक्योरिटी के मुताबिक पिता अवैध रूप से अमेरिका में थे।
- ICE ने बच्चे को सुरक्षा के लिए अपने साथ रखा।
- उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि हिरासत केवल सुरक्षा के उद्देश्य से थी, गिरफ्तारी नहीं।
आलोचना और प्रतिक्रिया
- स्कूल अधिकारियों और मानवाधिकार समूहों ने इसे अमानवीय बताया।
- पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि बच्चों को परिवार के साथ घर पर रहना चाहिए, न कि हिरासत में रखा जाना चाहिए।
- कानूनी परामर्शदाता ने बताया कि लॉकअप में 400 से अधिक बच्चों को लंबे समय तक रखा गया, जहां अधिकांश बीमार थे।
तस्वीर की सच्चाई
- नीली टोपी और भरी आंखों वाला यह बच्चा अमेरिकी इमिग्रेशन की कठोर नीति का प्रतीक बन गया है।
- यह घटना दिखाती है कि ट्रंप सरकार का आक्रामक रुख बच्चों और परिवारों के अधिकारों को नजरअंदाज कर सकता है।