जम्मू में 12 हजार फीट पर मिला अंडरग्राउंड आतंकी ठिकाना, सुरक्षा एजेंसियां भी रह गईं हैरान….
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की साजिशें लगातार नए और खतरनाक रूप ले रही हैं। अब जम्मू क्षेत्र में करीब 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक ऐसा भूमिगत आतंकी ठिकाना सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है। पत्थरों से बनी दीवारें, कई गुप्त रास्ते और महीनों का राशन—यह ठिकाना केवल छिपने की जगह नहीं, बल्कि आतंकियों का सुरक्षित ऑपरेशन बेस था।
कहां और कैसे हुआ आतंकी ठिकाने का खुलासा
यह सीक्रेट अंडरग्राउंड ठिकाना किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में सोमवार, 19 जनवरी को सामने आया। सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान यह खुलासा हुआ। ठिकाना एक ऊंची पहाड़ी पर रणनीतिक तरीके से बनाया गया था, जहां से आसपास की हर गतिविधि पर आसानी से नजर रखी जा सकती थी।
ठिकाने की बनावट ने बढ़ाई चिंता
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह कोई अस्थायी ठिकाना नहीं था।
- दीवारें पूरी तरह पत्थरों से बनी थीं
- अंदर जाने और बाहर निकलने के कई गुप्त रास्ते थे
- एक साथ चार आतंकियों के रहने की व्यवस्था थी
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ऊंचाई पर ऐसा मजबूत ढांचा स्थानीय सहयोग के बिना संभव नहीं।
क्या-क्या सामान बरामद हुआ? जानकर चौंक जाएंगे
सुरक्षाबलों को ठिकाने से भारी मात्रा में राशन और जरूरी सामान मिला, जिससे साफ है कि आतंकी यहां कई महीनों तक टिकने की तैयारी में थे।
बरामद सामग्री में शामिल हैं—
- आटा, बासमती चावल, दालें
- दर्जनभर किस्म के मसाले
- मैगी के पैकेट, बिस्कुट, सूखे मेवे
- गैस सिलेंडर, चूल्हा और बर्तन
- सर्दी से बचाव के लिए सूखी लकड़ी
स्थानीय मदद के बिना संभव नहीं था यह ठिकाना
सूत्रों के अनुसार, इतनी ऊंचाई तक भारी मात्रा में राशन, गैस सिलेंडर और अन्य सामान पहुंचाना आतंकियों के लिए अकेले संभव नहीं था। इसी शक के चलते पुलिस ने दो ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
ग्रेनेड हमले में जवान शहीद, ऑपरेशन तेज
इस इलाके में हाल ही में हुए ग्रेनेड हमले और गोलीबारी में आठ जवान घायल हुए थे। इलाज के दौरान स्पेशल फोर्सेज के हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद हो गए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी और तेज कर दी है।
‘त्राशी-I’ अभियान के तहत घेराबंदी
आतंकियों को बाहर निकालने के लिए ‘त्राशी-I’ नामक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। खुफिया जानकारी के मुताबिक,
- जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी समूह सक्रिय हैं
- एक समूह सैफुल्लाह और दूसरा आदिल के नेतृत्व में
- दोनों के पाकिस्तानी नागरिक होने की आशंका
डोडा-किश्तवाड़ के जंगलों में छिपे हैं 35 आतंकी
सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि डोडा और किश्तवाड़ जिलों के पहाड़ी जंगलों में करीब 35 पाकिस्तानी आतंकी छिपे हो सकते हैं। सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने कई दिशाओं में संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली कमान
अभियान की निगरानी के लिए
- जम्मू जोन के आईजी भीम सेन टुटी
- सीआरपीएफ जम्मू के आईजी आर. गोपाला कृष्ण राव
ने मौके का दौरा किया और हालात का जायजा लिया।
12,000 फीट की ऊंचाई पर मिला यह अंडरग्राउंड ठिकाना आतंकियों की गहरी साजिश और स्थानीय नेटवर्क की ओर इशारा करता है। सुरक्षा बलों के लिए यह ऑपरेशन न केवल चुनौतीपूर्ण है, बल्कि आने वाले समय में जम्मू क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति को और सख्त करने का संकेत भी देता है।