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26/11 जैसी साज़िश फिर? लश्कर कमांडर सैफुल्लाह की समुद्री हमले की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में


भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कामयाबी के बाद लश्कर‑ए‑तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद कसूरी बौखलाया नजर आ रहा है। पाकिस्तान के मुरीदके में दिए एक भड़काऊ बयान में उसने भारत पर समुद्री रास्ते से 26/11 जैसे हमले की खुली धमकी दी है। इस बयान के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं और हर इनपुट की गहन जांच की जा रही है।


भड़काऊ बयान से बढ़ी चिंता

मुरीदके में अपने भाषण के दौरान सैफुल्लाह ने कहा कि “2025 में हमने आसमान पर राज किया, अब 2026 में समंदरों पर करेंगे।” उसके इस बयान को सीधे तौर पर भारत के खिलाफ समुद्री हमले की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह बयान सिर्फ उकसावे तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित आतंकी प्रोपेगैंडा का हिस्सा हो सकता है।


‘फ़िज़ाओं का शहज़ादा’ से ‘समंदरों का शहज़ादा’ तक का दावा

सैफुल्लाह ने अपने बयान में 2025 को पाकिस्तान के लिए “फ़िज़ाओं का शहज़ादा” बनने का साल बताया और दावा किया कि 2026 खत्म होने से पहले पाकिस्तान “समंदरों का शहज़ादा” बनेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यह भाषा सीधे तौर पर भारतीय नौसेना और समुद्री सुरक्षा तंत्र को चुनौती देने की कोशिश है, जो हाल के सैन्य घटनाक्रमों में भारत की बढ़त से उसकी हताशा को दर्शाती है।


पहले भी ‘वॉटर फोर्स’ का जिक्र कर चुका है लश्कर

यह पहला मौका नहीं है जब सैफुल्लाह ने पानी के रास्ते हमले की बात कही हो। इससे पहले भी वह लश्कर की कथित “वॉटर फोर्स” का संकेत दे चुका है। खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि ऐसे बयान केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि आतंकी नेटवर्क को सक्रिय रखने और समर्थकों को उकसाने की रणनीति का हिस्सा हैं।


खुफिया रिपोर्ट: स्कूबा डाइवर्स और अंडर‑वॉटर ट्रेनिंग

सूत्रों के मुताबिक लश्कर‑ए‑तैयबा के पास बड़ी संख्या में प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर्स और स्विमर्स हैं। पाकिस्तान के विभिन्न ठिकानों पर उन्हें अंडर‑वॉटर ऑपरेशंस की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान एडवांस्ड उपकरण, ऑक्सीजन किट और स्पीड बोट्स के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई है। एजेंसियां इसे समुद्री रास्तों से हमले की क्षमता विकसित करने की कोशिश के रूप में देख रही हैं।


26/11 की कड़वी यादें फिर ताज़ा

इस धमकी को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकी हमला भी समुद्री मार्ग से ही अंजाम दिया गया था। उस समय आतंकवादी कराची से नाव के ज़रिए भारत में घुसे थे और बड़े पैमाने पर जान‑माल का नुकसान हुआ था। मौजूदा बयान ने एक बार फिर उसी खतरे की आशंका को बढ़ा दिया है।


सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में

गणतंत्र दिवस से पहले किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। समुद्री सीमाओं पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है, तटीय इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है और हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।


विश्लेषण: बयान से ज्यादा रणनीतिक संदेश

विशेषज्ञ मानते हैं कि सैफुल्लाह का यह बयान केवल धमकी नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश है। ‘आसमान’ और ‘समंदर’ जैसे शब्दों के जरिए वह यह दिखाने का प्रयास कर रहा है कि लश्कर अब ज़मीन तक सीमित नहीं, बल्कि नए मोर्चों पर खतरा पैदा करने की क्षमता रखता है। हालांकि, भारतीय सुरक्षा तंत्र की मौजूदा तैयारियों को देखते हुए किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए व्यापक रणनीति पहले से मौजूद है।


हर इनपुट पर कड़ी नजर

लश्कर कमांडर की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या प्रोपेगैंडा से घबराने के बजाय ठोस खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। भारत की समुद्री सीमाओं पर कड़ा पहरा है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत निष्क्रिय करने की पूरी तैयारी है।

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