कप्तान छुट्टन लाल संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र मीणा के नेतृत्व में, राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से मिला और ज्ञापन सौंपा।…..
12 जनवरी 2026 को कप्तान छुट्टन लाल संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र मीणा के नेतृत्व में, राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से मिला और ज्ञापन सौंपा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कला महाविद्यालय चेतन मीणा ने बताया कि यह मांग संघर्ष समिति वर्ष 2017 से प्रशासन और सरकार से करती आ रही है। आदिवासी समाज चाहता है कि भूगोर तिराया के आसपास यह समाज मुख्य भूमिका में रहता है, इसलिए यहां का नाम कप्तान छुट्टन लाल जी के नाम पर किया जाए और उनकी मूर्ति स्थापित की जाए। सरकार द्वारा शीघ्र ही हनुमान चौराहा से भूगोर तिराया तक फोरलेन का कार्य शुरू होने वाला है, साथ ही यहां चिड़ियाघर भी प्रस्तावित है। इसलिए संघर्ष समिति की मांग है कि 15 दिनों के अंदर भूगोर तिराया का नामांकरण कप्तान छुट्टन लाल जी के नाम पर हो तथा मूर्ति स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित की जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो आदिवासी समाज धरना-प्रदर्शन एवं बड़ा आंदोलन करेगा। ज्ञापन के दौरान डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आश्वासन दिया कि जल्द ही मांगें पूरी की जाएंगी। मौके पर नरेंद्र मीणा (पूर्व नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम), धर्मेंद्र मीणा (पूर्व पार्षद), ओम प्रकाश मीणा (अध्यक्ष, कप्तान छुट्टन लाल संघर्ष समिति), चेतन मीणा (पूर्व अध्यक्ष, कला महाविद्यालय), दिनेश छाजूरामपुरा, अर्जुन मीणा, प्रमोद मीणा, सुनील, ऋषि सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।