अमेरिका में साइलेंट अटैक से युवक की मौत, 12 दिन बाद गांव पहुंचा शव, हर आंख हुई नम..
अलवर/खैरथल-तिजारा।
डेढ़ साल पहले 20 लाख रुपये में पुस्तैनी जमीन बेचकर परिवार के बेहतर भविष्य का सपना लेकर अमेरिका गए युवक का शव जब 12 दिन बाद गांव पहुंचा, तो पूरा गांव शोक में डूब गया। परिवार के इकलौते बेटे की अंतिम यात्रा ने हर आंख को नम कर दिया।
विपिन परिवार का इकलौता बेटा था और वही मां-पिता, दादी व बहनों की उम्मीदों का सहारा था। पहले बेटे की मौत की सूचना और फिर शव को भारत लाने की लंबी प्रक्रिया ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। 12 दिन की मशक्कत के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो शोक का माहौल छा गया।
कई दिन पुराना शव होने के कारण संक्रमण के खतरे को देखते हुए गांव में पहुंचते ही परिजनों को मास्क पहनाए गए। दोनों बहनों को भाई के पास जाने से रोक दिया गया और उन्हें दूर से ही दर्शन करने दिए गए। वे अपने भाई को छू तक नहीं सकीं। दादी भी दूर से ही पौते के दर्शन कर सकीं। बताया गया कि पौते की मौत की खबर के बाद से दादी कई दिनों तक सो नहीं पाईं और सरकार से लगातार बेटे का शव जल्द भारत लाने की गुहार लगाती रहीं।
विपिन जून 2024 में नौकरी के लिए अमेरिका गया था, जहां वह एक शॉपिंग मॉल में बिलिंग का काम करता था। 29 दिसंबर की रात उसने परिवार से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी और खुद को पूरी तरह स्वस्थ बताया था। अगली सुबह जब वह नहीं उठा, तो साथ रहने वाले दोस्त उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।