मनरेगा के नाम व नियमों में बदलाव के विरोध में कांग्रेस का धरना, अलवर नगर निगम के बाहर चला “मनरेगा बचाओ संग्राम”….
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में “मनरेगा बचाओ” लिखी तख्तियां ले रखी थीं और “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम” भजन के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया गया।
धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह योजना कांग्रेस सरकार द्वारा महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीबों और बेरोजगारों को रोजगार की गारंटी देना था। अब योजना का नाम बदलकर और नियमों में बदलाव कर इसे कमजोर किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।
प्रकाश गंगावत ने कहा कि यह आंदोलन केवल धरने तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में नई रणनीति के तहत पंचायत स्तर पर और गांव-गांव चौपाल लगाकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में जॉब कार्ड धारकों को भी जोड़ा जाएगा और जनता को बताया जाएगा कि मनरेगा योजना ने किस तरह लाखों बेरोजगारों को रोजगार की गारंटी दी है।