बैंक नोट बनाने वाले कागज के लिए 1800 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम सिक्योरिटी पेपर मिल में नोट छपाई के लिए इस्तेमाल होने वाले उच्च सुरक्षा वाले कागज का उत्पादन बढ़ाने के लिए 1800 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह कदम नकली नोटों की संभावना को रोकने और करेंसी नोट की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया है।
🔹 करेंसी नोट की बढ़ती मांग के बीच बड़ा फैसला
कैबिनेट ने प्रस्ताव को हरी झंडी दी
कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने 7 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस परियोजना के तहत नई सिलिंड्रिकल मोल्ड वॉटरमार्क बैंकनोट (CWBN) लाइन लगाई जाएगी, जो सालाना 6,000 टन उच्च गुणवत्ता वाला टिकाऊ कागज उत्पादन करेगी।
🔹 पुरानी मशीनरी को बदला जाएगा
1970 की लाइनों में होगा आधुनिकीकरण
यह नई मशीनरी 1970 के दशक से चल रही तीन पुरानी लाइनों में से दो को बदल देगी। सिक्योरिटी पेपर मिल SPMCIL के अधीन है और वर्तमान में भारत में करेंसी पेपर के उत्पादन में एकाधिकार रखती है।
🔹 नकली नोटों पर लगाम
वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और फाइबर से सुरक्षा
उच्च सुरक्षा वाले कागज में वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और फाइबर शामिल होते हैं, जो नकली नोटों की संभावना को काफी हद तक रोकते हैं। नोटबंदी और मुद्रा की बढ़ती मांग के चलते यह कदम अहम है।
🔹 आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
आत्मनिर्भर भारत और रोजगार सृजन
यह परियोजना न केवल आयात पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि मध्य प्रदेश में रोजगार सृजित करेगी और आत्मनिर्भर भारत मिशन के अनुरूप है।