भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: निर्णायक दौर की बातचीत, जल्दी फैसले की उम्मीद
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 8-9 जनवरी 2026 को ब्रुसेल्स पहुंचे हैं, जहां वे भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर निर्णायक दौर की बातचीत करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि यह कदम दोनों पक्षों के बढ़ते राजनयिक और तकनीकी संबंधों को दर्शाता है और व्यापार में नई गति ला सकता है।
🔹 9 साल बाद फिर वार्ता तेज
भारत और यूरोपीय संघ के बीच FTA पर बातचीत 9 साल के अंतराल के बाद जून 2022 में फिर शुरू हुई थी। अब तक 14 दौर की बातचीत और कई मंत्री-स्तरीय चर्चाएँ हो चुकी हैं।
🔹 भारत की प्रमुख मांगें
पीयूष गोयल ने अपनी यात्रा के एजेंडे में कहा कि भारत श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे:
- कपड़ा
- चमड़ा
- परिधान
- रत्न और आभूषण
- हस्तशिल्प
के लिए जीरो-ड्यूटी (शून्य शुल्क) पहुंच की मांग कर रहा है। इसका उद्देश्य आम आदमी, किसानों और एमएसएमई के हितों को सीधे लाभ पहुंचाना है।
🔹 वार्ता का महत्व
- नियम-आधारित व्यापार ढांचे को पुख्ता करना
- दोनों पक्षों की आधुनिक आर्थिक साझेदारी की प्रतिबद्धता को बढ़ावा
- भारतीय उद्योगों को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ना
- यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और प्रमुख निवेशक
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-EU के बीच द्विपक्षीय व्यापार में काफी वृद्धि देखी गई।
🔹 प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, भारत की रणनीति का मुख्य लक्ष्य ऐसा समझौता हासिल करना है जिसका लाभ सीधे आम आदमी को मिले।