“पीएम मोदी मुझसे पूरी तरह खुश नहीं”— ट्रंप ने बताई भारत पर टैरिफ बढ़ाने की वजह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने रिश्तों को “बेहद अच्छे” बताते हुए भी स्वीकार किया कि भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को लेकर दोनों के बीच असहजता है। ट्रंप ने कहा कि रूस से तेल आयात के कारण भारत पर शुल्क बढ़ाए गए, जिससे पीएम मोदी उनसे पूरी तरह खुश नहीं हैं, हालांकि हाल के महीनों में टैरिफ में कुछ राहत भी दी गई है।
📌 रिपब्लिकन बैठक में ट्रंप का बयान
वाशिंगटन में रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों की बैठक के दौरान ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार और रक्षा सौदों पर हुई अपनी बातचीत का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ उनके संबंध सौहार्दपूर्ण हैं, लेकिन शुल्क नीति को लेकर मतभेद उभरे हैं।
📌 “अच्छे रिश्ते हैं, पर टैरिफ बना तनाव की वजह”
ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध मजबूत हैं, लेकिन भारतीय उत्पादों पर लगाए गए भारी टैरिफ से असंतोष पैदा हुआ है। उनके मुताबिक, रूस से कच्चे तेल की खरीद में कटौती के बाद भारत पर लगाए गए कुछ शुल्क घटाए गए हैं।
📌 रूस से तेल खरीद पर अमेरिका की आपत्ति
अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदकर भारत, यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहा है। इसी आधार पर वाशिंगटन ने भारतीय निर्यात पर सख्त टैरिफ लागू किए और आगे और बढ़ाने की चेतावनी भी दी।
📌 कुल 50% तक पहुंचा शुल्क बोझ
ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही उन्होंने संकेत दिया था कि अगर नई दिल्ली अमेरिकी चिंताओं का समाधान नहीं करती तो भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ और बढ़ सकते हैं। वर्तमान में भारत पर कुल टैरिफ बोझ करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
📌 टैरिफ नीति का बचाव, मोदी की तारीफ
ट्रंप ने पीएम मोदी की व्यक्तिगत प्रशंसा करते हुए उन्हें “अच्छा और नेक इंसान” बताया। साथ ही उन्होंने अपनी टैरिफ नीति का बचाव करते हुए कहा कि इन कदमों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा हो रहा है और व्यापार संतुलन मजबूत हुआ है।
📌 भारत ने अमेरिकी दावे को नकारा
इस बीच भारत सरकार पहले ही ट्रंप के उस दावे को खारिज कर चुकी है जिसमें कहा गया था कि पीएम मोदी ने रूस से तेल आयात बंद करने का आश्वासन दिया था। नई दिल्ली ने साफ किया था कि ऐसी कोई प्रतिबद्धता नहीं दी गई है।
📌 रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्यस्थता की कोशिश
ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष में संभावित मध्यस्थता के प्रयासों का भी ज़िक्र किया और कहा कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से बातचीत की है, हालांकि अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।
🧠 व्यापार दबाव बनाम रणनीतिक साझेदारी
ट्रंप के बयान से साफ है कि भारत-अमेरिका रिश्तों में रणनीतिक सहयोग बना हुआ है, लेकिन ऊर्जा और व्यापार नीति जैसे मुद्दे टकराव का कारण बन रहे हैं। रूस से तेल आयात भारत की ऊर्जा सुरक्षा का अहम हिस्सा है, जबकि अमेरिका इसे भू-राजनीतिक नजरिये से देखता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश व्यापारिक तनाव को कम करते हुए रणनीतिक साझेदारी को संतुलित रख पाते हैं या टैरिफ विवाद और गहराएगा।