‘अनफेयर है’: धुरंधर के सेट से खुलासा—अक्षय खन्ना दूरी बनाकर रहते थे, लेकिन रणवीर सिंह को नहीं मिला उनका पूरा हक
रिलीज़ के एक महीने बाद भी धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से टिकी है। फिल्म में रहमान डकैत के रूप में अक्षय खन्ना की जमकर तारीफ़ हुई और कई दर्शकों ने कहा कि वे रणवीर सिंह पर भारी पड़ते हैं। लेकिन को-स्टार नवीन कौशिक मानते हैं कि इस चर्चा में रणवीर की मेहनत और परफॉर्मेंस को कम आंका गया—जो उनके मुताबिक “अनफेयर” है।
🎭 अक्षय खन्ना: ऑफ-स्क्रीन भी किरदार में
नवीन, जिन्होंने फिल्म में रहमान के साथी की भूमिका निभाई, बताते हैं कि अक्षय खन्ना सेट पर जानबूझकर दूरी बनाए रखते थे—बिल्कुल अपने किरदार की तरह।
- “अक्षय सर अपने किरदार में पूरी तरह डूबे रहते थे। वे शोर-शराबे से दूर रहते और फोकस बनाए रखते।”
- “अगर हम बात करने जाते, तो बहुत प्यार से बात करते थे, लेकिन बातचीत के बाद फिर अपनी जगह लौट जाते।”
- “मुझे नहीं पता इसे मेथड एक्टिंग कहें या नहीं, पर रहमान डकैत जैसे चुप, ऑब्ज़र्व करने वाले स्वभाव को वे असल ज़िंदगी में भी निभा रहे थे।”
नवीन के मुताबिक, गैंग के बाकी कलाकार साथ बैठते-हँसते दिखते थे, जबकि रहमान (अक्षय) अक्सर अलग बैठे नज़र आते—और यही ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री ऑन-स्क्रीन भी दिखी।
⚡ रणवीर सिंह: किरदार के बिल्कुल उलट, फिर भी संयम
रणवीर के बारे में नवीन ने बताया कि उनका वास्तविक स्वभाव उनके किरदार हमज़ा से बिल्कुल अलग है।
- “रणवीर एनर्जी का गोला हैं। सेट पर सब से मिलते हैं, किसी को सुस्त बैठा देखना उन्हें पसंद नहीं।”
- “उनमें बच्चों जैसी जिज्ञासा रहती है। ‘मैं बड़ा स्टार हूँ’ वाला कोई एटिट्यूड नहीं।”
- “इतने एनर्जेटिक इंसान के लिए अपनी आवाज़, बॉडी लैंग्वेज और एक्सप्रेशन को दबाकर शांत, संयत किरदार निभाना आसान नहीं होता।”
🧠 “रणवीर को उनका हक नहीं मिला”
अक्षय की तारीफ़ करते हुए भी नवीन मानते हैं कि चर्चा का पलड़ा एकतरफ़ा झुक गया।
“अक्षय सर ने निस्संदेह आइकॉनिक किरदार रचा है, जिसे सालों तक याद रखा जाएगा। लेकिन एक एक्टर के तौर पर रणवीर ने जो बारीकियां दीं—वॉइस मॉड्यूलेशन, सूक्ष्म हाव-भाव—उन्हें पर्याप्त सराहना नहीं मिली। यह अनफेयर है।”
उन्होंने फिल्म के चर्चित FA9LA सीक्वेंस का उदाहरण दिया:
“उस गाने में सब नाच रहे होते हैं—सिवाय रणवीर के। ऐसे पल में खुद को रोककर किरदार में बने रहना बहुत मुश्किल होता है।”
🎬 लाइमलाइट क्यों एक तरफ़ गई?
- किरदार का प्रभाव: रहमान डकैत जैसा साइलेंट-डॉमिनेंट रोल दर्शकों पर तुरंत असर डालता है।
- स्टाइल बनाम सब्टलिटी: अक्षय का कंट्रोल्ड, ऑब्ज़र्वेंट अंदाज़ ज़्यादा नज़र आता है; रणवीर की सूक्ष्मता कम “शोर” करती है।
- नैरेटिव फ़ोकस: कहानी में रहमान का वजन ज़्यादा होने से परफॉर्मेंस की चर्चा भी वहीं केंद्रित हो गई।
धुरंधर में अक्षय खन्ना ने यादगार किरदार गढ़ा, लेकिन नवीन कौशिक के मुताबिक रणवीर सिंह ने भी उतनी ही कठिन और परिपक्व एक्टिंग की—बस वह ज़्यादा सूक्ष्म थी। इसलिए, उनका मानना है कि तारीफ़ की दौड़ में रणवीर को उनका पूरा “हक” नहीं मिला।