ONGC गैस लीक वीडियो वायरल, आंध्र प्रदेश के डिप्टी CM पवन कल्याण ने कलेक्टर और MLA को दिए कड़े निर्देश…..
अमरावती: आंध्र प्रदेश में ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन) के एक गैस लीक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसने स्थानीय जनता में चिंता और सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद डिप्टी मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तुरंत जिला कलेक्टर और MLA को सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि प्रभावित इलाकों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं और हादसे की विस्तृत जांच हो सके।
वायरल हुआ गैस लीक का खौफ़नाक वीडियो
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि ONGC के संयंत्र के पास से भारी गैस का रिसाव हो रहा है और आस-पास मौजूद लोग और वाहन इससे प्रभावित होते दिख रहे हैं। यह दृश्य सार्वजनिक सुरक्षा और औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़ा कर रहा है, क्योंकि कोई रक्षा उपाय या चेतावनी सिस्टम सक्रिय नजर नहीं आ रहा है।
घटनास्थल पर स्थिति का जायज़ा
घटना स्थल पर गैस के फैलने से नज़दीकी इलाकों में धुंधलापन और साँस लेने में दिक्कत जैसी स्थितियां देखने को मिलीं। स्थानीय लोग प्रशासन की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे थे। कई ग्रामीण और कामगारों ने कहा कि उन्हें अचानक साँस लेने में परेशानी और आँखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे भय का माहौल बन गया।
पवन कल्याण ने दिए सख्त निर्देश
डिप्टी CM पवन कल्याण ने घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने आगाह किया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य परीक्षण, राहत कार्य और वातावरण की निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि ONGC से पूरा ब्योरा और रिसाव के कारण एवं समय सीमा के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाए।
कलेक्टर और MLA को क्या कहा गया?
कल्याण ने जिला कलेक्टर को सुरक्षा सुनिश्चित करने के अलावा स्थानीय अस्पतालों को चेतावनी देने, प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और सार्वजनिक सूचना प्रणाली को सक्रिय करने को कहा है। साथ ही MLA को निर्देश दिया गया कि वे स्थानीय जनता के साथ संपर्क में रहें और हर सम्भव सहायता प्रदान करें।
स्थानीय नागरिकों की चिंताएँ
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि उन्हें पर्याप्त चेतावनी नहीं मिली और उन्हें समझ नहीं आया कि कब सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए पूर्वानुमान आधारित चेतावनी तंत्र को और प्रभावी बनाया जाए।