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सरिस्का के अंधेरी जंगल में दिखी टाइग्रेस एसटी-2302 अपने दो शावकों के साथ, पर्यटकों ने कैमरे में कैद किए दुर्लभ पल…..

अलवर शहर से सटे सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में एक बार फिर वन्यजीवन की खूबसूरत झलक देखने को मिली। अंधेरी जंगल क्षेत्र में टाइग्रेस एसटी-2302 अपने दो शावकों के साथ खुले में घूमती नजर आई। एनिकट के पास जोहड़ में पानी पीते हुए टाइग्रेस और उसके शावकों का दृश्य पर्यटकों के लिए किसी रोमांचक अनुभव से कम नहीं रहा।


अंधेरी जंगल में मां और शावकों की बेफिक्र चहलकदमी

सरिस्का के अंधेरी ट्रेक पर टाइग्रेस एसटी-2302 अपने दोनों शावकों के साथ काफी समय तक मौजूद रही। जंगल में सफारी पर पहुंचे पर्यटकों ने दूर से इस नज़ारे को देखा और मोबाइल व कैमरों में तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। टाइग्रेस का शांत व्यवहार और शावकों की चंचल हरकतें इस दृश्य को और भी खास बना रही थीं।


ऊपर-नीचे दोनों ट्रैक से हुआ अवलोकन

पर्यटकों के अनुसार, कुछ लोग ऊपरी ट्रैक से टाइग्रेस को देखने में सफल रहे, जबकि कुछ ने नीचे की ओर जाकर मां और शावकों का अवलोकन किया। काफी देर तक टाइग्रेस ने पर्यटकों की मौजूदगी को नजरअंदाज किया और शावकों के साथ स्वाभाविक गतिविधियों में लगी रही। इसके बाद तीनों जंगल की गहराई में चले गए।


सीमित ट्रैक खुले होने से बढ़ी टाइगर मूवमेंट

वर्तमान में बाला किला की ओर जाने वाला मार्ग खराब स्थिति के कारण बंद है। ऐसे में वन विभाग ने पर्यटकों के लिए केवल अंधेरी ट्रेक और बारा लिवारी ट्रेक को ही खोल रखा है। सीमित रास्तों के कारण टाइगर और टाइग्रेस का मूवमेंट इन्हीं क्षेत्रों में अधिक दिखाई दे रहा है, जिससे पर्यटकों को बार-बार बाघों के दर्शन हो रहे हैं।


बफर जोन में बढ़ी बाघों की मौजूदगी

सरिस्का टाइगर रिजर्व और उसके बफर क्षेत्र में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, पूरे सरिस्का क्षेत्र में करीब 50 बाघ मौजूद हैं, जबकि बफर जोन में ही 11 बाघ पाए गए हैं। बढ़ती संख्या के कारण जंगल में टाइगर और टाइग्रेस का खुले में दिखना अब आम होता जा रहा है।


शहर से सटे बफर जोन में नियंत्रित सफारी

बफर जोन अलवर शहर से सटा होने के कारण संवेदनशील माना जाता है। यहां आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है। केवल अधिकृत सफारी वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है। वन विभाग का कहना है कि इससे वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों को भी सुरक्षित अनुभव मिल रहा है।


वन्यजीव संरक्षण की सफलता का संकेत

टाइग्रेस एसटी-2302 और उसके शावकों का इस तरह खुले में दिखना सरिस्का में चल रहे संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि यह भी संकेत देता है कि सरिस्का का इकोसिस्टम बाघों के लिए अनुकूल बन रहा है।

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