अलवर में प्लॉट विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-डंडों से हमला; एक ही परिवार के पांच सदस्य गंभीर घायल..
अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र अंतर्गत सामोला गांव में सोमवार सुबह जमीन विवाद ने अचानक हिंसक मोड़ ले लिया। 66 वर्ग गज के एक छोटे से प्लॉट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना ने एक बार फिर कच्चे सौदों और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
66 वर्ग गज का प्लॉट बना संघर्ष की जड़
सामोला गांव में स्थित कच्ची बस्ती क्षेत्र का यह प्लॉट पिछले करीब दो वर्षों से विवाद का कारण बना हुआ था। घायल मौसमदीन का आरोप है कि उन्होंने यह प्लॉट पड़ोसी जोमदीन से लगभग ₹5 लाख में खरीदा था। सौदा कच्चे कागजों पर हुआ था, लेकिन अब विक्रेता पक्ष जमीन लौटाने का दबाव बना रहा है और भुगतान की गई राशि वापस देने से इनकार कर रहा है।
रविवार की कहासुनी के बाद सोमवार सुबह भड़की हिंसा
परिजनों के अनुसार, विवाद रविवार को ही उग्र हो गया था, जब मौसमदीन की पत्नी इमराना के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। इस घटना की शिकायत थाने में दी गई, लेकिन परिवार का आरोप है कि समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि उसी समय सख्ती बरती जाती, तो सोमवार की हिंसा टल सकती थी।
अलाव तापते समय हुआ हमला, फायरिंग का भी आरोप
सोमवार सुबह करीब सात बजे मौसमदीन का परिवार घर के बाहर अलाव ताप रहा था। इसी दौरान जोमदीन अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और कथित रूप से लाठी-डंडों व पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़ित पक्ष ने हमलावरों पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि जांच के बाद करने की बात कह रही है।
पांच घायल, सिर में गंभीर चोटें
हमले में मौसमदीन के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि शाहाबदीन, इमराना, मेमुना और उनके 15 वर्षीय भांजे को भी चोटें लगीं। सभी घायलों को तुरंत अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
पुलिस जांच में जुटी, दोनों पक्षों से पूछताछ
घटना की सूचना मिलते ही अरावली विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्लॉट के दस्तावेजों, लेन-देन और हिंसा के आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कच्चे सौदों और समय पर कार्रवाई न होने का नतीजा
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि बिना पुख्ता दस्तावेजों के किए गए जमीन सौदे किस तरह गंभीर हिंसा का कारण बन सकते हैं। साथ ही, शुरुआती स्तर पर प्रभावी पुलिस कार्रवाई न होने से विवाद किस तरह बढ़ सकता है, यह घटना उसका उदाहरण बन गई है।