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“मादुरो की गिरफ्तारी से बढ़ा वैश्विक तनाव — डुगिन बोले, अमेरिका ने तीसरे विश्व संघर्ष का रास्ता खोल दिया”

वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद जारी भू-राजनीतिक टकराव ने विश्व राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। रूस के वरिष्ठ दार्शनिक और पुतिन के करीबी विचारक अलेक्जेंडर डुगिन ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के टूटने का संकेत बताया है। उनका कहना है कि यह घटना शक्ति-संतुलन को नई दिशा दे सकती है।

डुगिन का कड़ा बयान: “अंतरराष्ट्रीय कानून समाप्त, नया दौर शुरू”

डुगिन ने वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम दर्शाता है कि दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुकी है जहाँ पुराने अंतरराष्ट्रीय नियम अप्रासंगिक हो चुके हैं। उनके मुताबिक अब वैश्विक व्यवस्था वही तय करेगा, जिसके पास ताकत और प्रभाव अधिक होगा।

यह बयान पश्चिमी देशों के विरुद्ध रूस की वैचारिक लाइन को मजबूत करता है और संकेत देता है कि मॉस्को खुद को उभरते शक्ति-ब्लॉक का केंद्र मानकर चल रहा है।

“यूक्रेन संघर्ष रूस की वैश्विक पहचान का टिकट”

डुगिन ने यूक्रेन युद्ध को रूस के लिए सामरिक अवसर के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि यदि रूस इस संघर्ष में मजबूत स्थिति बनाए रखता है, तो उसे वैश्विक शक्ति-क्लब में गंभीरता से लिया जाएगा, अन्यथा अंतरराष्ट्रीय नियम किसी और के हितों के अनुसार गढ़े जाएंगे।

यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि क्रेमलिन समर्थक विचारधारा यूक्रेन युद्ध को सिर्फ सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि भू-रणनीतिक निवेश के रूप में देखती है।

“यूरेशिया में रूस के प्रभाव क्षेत्र का मॉडल—डुगिन ने दी मोनरो सिद्धांत जैसी अपील”

डुगिन ने रूस से आग्रह किया कि वह अपने पड़ोसी क्षेत्रों में स्पष्ट प्रभाव-क्षेत्र स्थापित करे, जैसा अमेरिका ने ऐतिहासिक रूप से मोनरो सिद्धांत के माध्यम से किया था। उनका कहना है कि ऐसा करने से ही रूस पर बाहरी शक्तियों के नियम थोपे जाने से बचा जा सकता है।

यह विचार रूस की क्षेत्रीय रणनीति को वैचारिक आधार देता है और बहुध्रुवीय विश्व-व्यवस्था की तरफ झुकाव को रेखांकित करता है।

“ट्रंप का दावा: मादुरो हिरासत में, सैन्य अभियान से हालात तनावपूर्ण”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को सैन्य कार्रवाई के दौरान पकड़ लिया गया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। इसके बाद वेनेजुएला सरकार ने मादुरो के ठिकाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्पष्टता की मांग की।

इस दावे ने लैटिन अमेरिका में राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव दोनों को और तेज कर दिया है।

“रूस ने जताई चिंता, UNSC बैठक की मांग—तनाव बढ़ने की आशंका”

रूस ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और मादुरो तथा उनकी पत्नी की तत्काल रिहाई की मांग की। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की अपील भी की गई।

यह रुख बताता है कि यह मामला केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि महाशक्तियों के टकराव का रूप ले चुका है, जो वैश्विक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

“वेनेजुएला ऑपरेशन ने खोला भू-राजनीतिक तनाव का नया अध्याय”

अमेरिकी हस्तक्षेप, रूस की तीखी प्रतिक्रिया और डुगिन के सख्त बयानों ने संकेत दिया है कि विश्व राजनीति अब अधिक टकरावपूर्ण और शक्ति-केंद्रित दिशा में बढ़ रही है। यह घटनाक्रम भविष्य में नए कूटनीतिक ध्रुवीकरण की नींव रख सकता है।

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