मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त से मौतों का सिलसिला अभी थमा नहीं है। दूषित पानी पीने से शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई,
जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 16 तक पहुंच गया। विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 208 मरीजों में से 27 आईसीयू और एक वेंटिलेटर पर जीवन व मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। सरकार ने हाईकोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट में 16वीं मौत की पुष्टि की है। हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रशासन को साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है और जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 6 जनवरी की तिथि तय की है।
उधर, देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूषित पानी से मौतों पर राज्य सरकार और बदजुबानी के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विपक्षियों के साथ अपनों के निशाने पर है। भाजपा नेता और पूर्व सीएम उमा भारती ने हालात पर तीखी टिप्पणी की है।
प्रशासन की ओर से साफ पानी की आपूर्ति और दवाइयां वितरित करने के बावजूद भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त से बीमार मरीज अभी भी सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में भर्ती कुछ मरीजाें की हालत खराब है। संजीवनी क्लिनिक में भर्ती शीतल नगर निवासी हीरालाल (65) और अरबिंदो अस्पताल में गीता ध्रुवकर (68) ने दम तोड़ दिया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के पानी का कल्चर टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।