पुतिन बोले- यूक्रेन युद्ध में जीत रूस की होगी, जेलेंस्की का जवाब- हमें शांति चाहिए, समर्पण नहीं
नए साल की शुरुआत के साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दोनों देशों के नेताओं के तेवर साफ नजर आए। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जीत का दावा दोहराया, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश युद्ध खत्म करना चाहता है, लेकिन किसी कमजोर या असुरक्षित समझौते की कीमत पर नहीं।
🟠 नए साल पर पुतिन का सख्त संदेश
नए साल के अवसर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्हें देश का नायक बताया। उन्होंने कहा कि रूस को अपने कमांडरों और सैनिकों के साहस पर पूरा भरोसा है और अंततः जीत रूस की ही होगी।
🟠 कमचटका से प्रसारित हुआ भाषण
पुतिन का यह संदेश रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कमचटका से सबसे पहले प्रसारित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने युद्ध को केंद्रीय मुद्दा बनाया और कहा कि देश अपने सैनिकों के बलिदान और बहादुरी पर गर्व करता है।
🟠 तीसरे साल में प्रवेश करता युद्ध
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब एक और साल में प्रवेश कर चुका है। इस लंबे और महंगे युद्ध में दोनों पक्षों को भारी सैन्य नुकसान हुआ है, जबकि लाखों यूक्रेनी नागरिकों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।
🟠 ड्रोन हमले के आरोपों पर पुतिन की चुप्पी
अपने नए साल के भाषण में पुतिन ने उन आरोपों का कोई जिक्र नहीं किया, जिनमें कहा गया था कि यूक्रेन ने उनके एक आवास को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश की थी। यूक्रेन पहले ही इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुका है।
🟠 यूरोपीय संघ का आरोप
यूरोपीय संघ ने रूस पर आरोप लगाया है कि वह शांति वार्ता को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहा है। पश्चिमी देशों का कहना है कि रूस की कठोर शर्तें युद्ध को और लंबा खींच सकती हैं।
🟠 जेलेंस्की का स्पष्ट रुख
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नए साल की पूर्व संध्या पर कहा कि उनका देश शांति चाहता है, लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा—
“हम युद्ध का अंत चाहते हैं, यूक्रेन का नहीं।”
🟠 कमजोर समझौते से चेतावनी
जेलेंस्की ने कहा कि अगर किसी समझौते में मजबूत सुरक्षा गारंटी शामिल नहीं होती, तो वह शांति नहीं बल्कि भविष्य के बड़े युद्ध की नींव बनेगा। उन्होंने कमजोर समझौते को देश के लिए खतरनाक बताया।
🟠 शांति वार्ता अंतिम चरण में
जेलेंस्की के अनुसार, अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता लगभग 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। हालांकि, बचे हुए 10 प्रतिशत मुद्दे सबसे कठिन हैं और इन्हीं पर सहमति बनना बाकी है।
🟠 क्षेत्रीय विवाद सबसे बड़ी बाधा
इस समय रूस यूक्रेन के करीब 19 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा किए हुए है। रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनबास क्षेत्र से पीछे हट जाए, लेकिन जेलेंस्की ने इसे यूक्रेन के साथ विश्वासघात करार दिया है।
🟠 जीत बनाम शांति की लड़ाई
विशेषज्ञों के मुताबिक, पुतिन का संदेश घरेलू समर्थन बनाए रखने की कोशिश है, जबकि जेलेंस्की अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि यूक्रेन शांति के लिए तैयार है, लेकिन आत्मसमर्पण के लिए नहीं। नए साल में युद्ध का भविष्य कूटनीतिक समझौतों और युद्धक्षेत्र की स्थिति पर निर्भर करेगा।