🔴 Varanasi Viral Video: दशाश्वमेध घाट पर जापानी पर्यटक से बहस, गंगा स्नान के दौरान बढ़ा विवाद
काशी की सड़कों से सोशल मीडिया तक पहुंचा वीडियो
आध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह वीडियो वाराणसी के दशाश्वमेध घाट का बताया जा रहा है, जहां जापान से आए एक पर्यटक परिवार के साथ स्थानीय लोगों की कहासुनी हो गई।
क्रिसमस के दिन गंगा स्नान के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, 25 दिसंबर को जापानी पर्यटकों का एक परिवार दशाश्वमेध घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने उनके पहनावे और व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई और उनसे बहस शुरू हो गई।
वीडियो में दिखा आरोप, लेकिन सबूत नहीं
वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि कुछ लोग पर्यटकों पर गंभीर आरोप लगाते नजर आते हैं, हालांकि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आता। इसके बावजूद बहस लगातार बढ़ती चली गई।
हाथ जोड़कर मांगी माफी, फिर भी नहीं रुका विवाद
वीडियो में जापानी पर्यटक और उनका परिवार शांत और संयमित नजर आता है। एक पर्यटक हाथ जोड़कर स्थानीय लोगों से माफी मांगता भी दिखाई देता है, लेकिन इसके बावजूद भीड़ का व्यवहार आक्रामक बना रहा। मौके पर महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।
पुलिस ने लिया मामले का संज्ञान
इस मामले पर वाराणसी पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लिया है। एसीपी स्तर के अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी गलतफहमी का प्रतीत होता है।
कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं
पुलिस के अनुसार, घटना के समय दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से माफी मांग ली थी और किसी भी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स का कहना है कि बिना प्रमाण किसी विदेशी पर्यटक के साथ इस तरह का व्यवहार भारत की छवि को नुकसान पहुंचाता है।
‘अतिथि देवो भव’ पर उठी बहस
सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे भारत की पारंपरिक ‘अतिथि देवो भव’ संस्कृति के खिलाफ बताया है। यूजर्स का मानना है कि पर्यटन पर निर्भर शहरों में संवेदनशीलता और संवाद बेहद जरूरी है।
काशी की छवि से जुड़ा मामला
यह घटना केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वाराणसी जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल की छवि से भी जुड़ी है। ऐसे मामलों में संयम और समझदारी से काम लेना जरूरी माना जा रहा है।
वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्रों पर संस्कृति, आस्था और आधुनिक पर्यटन के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती है। गलतफहमी के कारण उपजा यह विवाद बताता है कि संवाद की कमी कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन और समाज—दोनों की जिम्मेदारी है कि अतिथियों के साथ सम्मान और संवेदनशीलता बनी रहे।