पूर्व मंत्री भड़ाना के बेटे सहित 4 गिरफ्तार यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव पर जानलेवा हमले का मामला, शराब के लिए ₹2 हजार मांगने का आरोप…
राजस्थान के अलवर जिले से राजनीति और अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना के बेटे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के पीछे शराब के लिए पैसे मांगने और विरोध करने पर बेरहमी से मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया है। पुलिस जांच में पूरे घटनाक्रम की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।
किशनगढ़बास में ट्रेस हुई लोकेशन
शिवाजी पार्क थाना पुलिस के अनुसार, हमले के मुख्य आरोपी सुरेंद्र भड़ाना की मोबाइल लोकेशन किशनगढ़बास क्षेत्र में ट्रेस हुई थी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो आरोपियों को पुलिस की भनक लग गई और वे वहां से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने सघन तलाश और घेराबंदी कर आरोपियों को अलग-अलग जगहों से दबोच लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित संदीप ओला, जो कि यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव हैं, गुरुवार दोपहर अलवर के जसवंत नगर इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास चाय पी रहे थे। उसी दौरान सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार 10–15 युवक वहां पहुंचे। इनमें पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना का बेटा सुरेंद्र भड़ाना भी शामिल था।
शराब पीने के लिए मांगे ₹2 हजार
आरोप है कि सुरेंद्र भड़ाना ने संदीप ओला से शराब पीने के लिए ₹2 हजार की मांग की। जब संदीप ओला ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और फोन का पासवर्ड पूछने लगे। पासवर्ड न बताने पर मोबाइल तोड़ दिया गया।
लाठी-डंडों से की गई बेरहमी से पिटाई
विरोध करने पर सुरेंद्र भड़ाना, अजी खान, नथू खटीक, सचिन पटेल और अन्य युवकों ने लाठी-डंडों से संदीप ओला पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुरेंद्र भड़ाना, विश्वेंद्र उर्फ नथू खटीक, सुमित मंढार और कुलदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अजी खान से भी मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
आरोपी सुरेंद्र भड़ाना का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी सुरेंद्र भड़ाना का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसके खिलाफ पूर्व में भी करीब पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या घटना के पीछे कोई राजनीतिक रंजिश या सुनियोजित साजिश थी।
इस घटना के सामने आने के बाद अलवर की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश है और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं पुलिस का दावा है कि कानून के तहत निष्पक्ष जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिवाजी पार्क थाना प्रभारी ने बताया कि मामला गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।